काशीपुर: नकली नोट बनाने का आरोपी 'लुटेरी दुल्हन' गैंग का था सदस्य
मोहम्मद अर्शी खान, काशीपुर, अमृत विचार। यूपी में नोट खपाने के बाद मुख्य आरोपी राजेंद्र सिंह उत्तराखंड में बाजार तलाश रहे थे। वह पहले भी यहां लोगों को चूना लगाकर लाखों रुपये ऐंठ चुके थे। जिसके बाद से आरोपी लगातार प्रदेश में धोखाधड़ी के कामों में लिप्त चल रहा था।
नकली नोट बनाने के आरोप में पुलिस ने निवासी बैराज कॉलोनी मोहल्ला शक्तिनगर थाना व जिला बिजनौर उत्तर प्रदेश निवासी राजेन्द्र सिंह उर्फ राजू और ग्राम भोगपुर पोस्ट बढ़ापुर तहसील व थाना नगीना जिला बिजनौर, यूपी निवासी बूटा सिंह को गिरफ्तार किया है। जिसके पास से पुलिस ने करीब 22.08 लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए हैं। जो वह उत्तराखंड में बेचने की फिराक में थे और गुरुवार को उसे बेचने के लिए यहां डील करने आए थे। जिसकी भनक पुलिस को पहले की लग गई और पुलिस ने आरोपियों को रंगेहाथ दबोच लिया।
नकली नोट बनाने का धंधा कर रहे राजेंद्र सिंह उर्फ राजू से पूछताछ में पुलिस को पता चला कि वर्ष 2022 में आरोपी पहले भी काशीपुर के थाना आईटीआई में लुटेरी दुल्हन के मामले में दर्ज मुकदमे में जेल जा चुका है। इस गैंग का वह लीडर था। वह अपने साथियों के साथ मिलकर सीधे-साधे लोगों से अपनी साथी महिला की शादी करा देता था और दूसरे दिन महिला घर का सारा सामान समेट कर फरार हो जाती थी।
जिसमें पुलिस ने दस लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। इस मामले में जेल से छूटने के बाद आरोपी राजेंद्र सिंह ने फर्जी नोट छापने की योजना बनाई और नकली नोट छापकर यूपी के मुरादाबाद, बिजनौर, रामपुर व अन्य कई जनपदों में खपा चुका था। वहां पुलिस के पकड़े जाने के डर से राजेंद्र ने अब उत्तराखंड में नोट चलाने का निर्णय लिया था। काशीपुर में भी धोखाधड़ी कर चुका राजेंद्र यहां के क्षेत्र से वाकिफ था। इसलिए उसने काशीपुर के भीड़ वालों इलाकों में ही नोट खपाने की सोची। लेकिन, डील कैंसिल होने पर वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
स्पेशल स्याही का प्रयोग कर बनाए थे नकली नोट
काशीपुर। नकली नोट बनाने के लिए राजेंद्र व उसके साथी बिजनौर में एक कम्प्यूटर व प्रिंटर की मदद से नकली नोट बनाने का धंधा कर रहे थे। वही प्रिंटर की माध्यम से नकली नोट छापकर यूपी के भीड़ भीड वाले इलाकों में चला देते थे। नोट छापने के लिए वह प्रिंटर में एक स्पेशल स्याही का प्रयोग करते थे। जिससे नोट असली नोट की तरह कलर में लगे। पुलिस ने अब नोट छापने व नोट के सप्लायर से लेकर उपकरण व सामान उपलब्ध कराने वालों की जांच करना शुरू कर दिया है।
