हल्द्वानी: चीड़ डिपो में 30 साल पुरानी मजार और मंदिर ध्वस्त
हल्द्वानी, अमृत विचार। वन, प्रशासन, राजस्व व नगर निगम की संयुक्त टीम ने शहर के बीचोबीच स्थित चीड़ डिपो में 30 साल पुरानी मजार और मंदिर को हटा दिया है। करीब दो बीघा वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया है। इनमें डेढ़ बीघा पर मजार पर और आधा बीघा पर मंदिर बना हुआ था।
रामपुर रोड स्थित अरण्य भवन के पीछे वन विकास निगम का चीड़ डिपो तराई केंद्रीय वन डिवीजन की हल्द्वानी रेंज के अंतर्गत आता है। वन विभाग ने 1984-85 में यह भूमि वन विकास निगम को लकड़ी का डिपो बनाने के लिए आवंटित की थी। बताया जाता है कि वन निगम के श्रमिकों ने अस्थायी तौर पर मंदिर और मजार बनाई थी जो बाद में पक्के निर्माण में बदल गई। बाद में थोड़ी भूमि पर हुआ निर्माण दो बीघा तक पहुंच गया था।
हल्द्वानी रेंज ने मंदिर और मजार में अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस चस्पा किये थे। इधर, शनिवार को श्रमिकों ने मंदिरों में रखी मूर्ति को विधिवत ढंग से हटा दिया और मंदिर के ढांचे को ध्वस्त कर दिया। वहीं, वन विभाग ने मजार का सामान भी देखरेख करने वाले अशफाक अली को सौंप दिया। बाद में नगर निगम की जेसीबी बुलाकर मजार को ध्वस्त कर दिया।
रेंज अधिकारियों के अनुसार, मजार के हटने से 1.5 बीघा और मंदिर के हटने से .5 बीघा अतिक्रमण मुक्त हो गई। वन विभाग ने मौके से मलबा निस्तारित कर दिया। इन धार्मिक अवस्थापनाओं को हटाने में किसी ने भी विरोध नहीं किया और वन विभाग का सहयोग किया। इस दौरान तहसीलदार सचिन कुमार, डीएसएम अनिल कुमार, एसओजी भूपाल सिंह कैड़ा आदि मौजूद थे।
चीड़ डिपो में 30 साल पुराने मंदिर और मजार को हटा दिया गया है। राजस्व, वन, नगर निगम का सहयोग रहा। 2 बीघा भूमि से अतिक्रमण हटाया है। अब यहां पर वन विभाग प्रोजेक्ट शुरू करेगा।
= यूआर आर्य, रेंजर हल्द्वानी, तराई केंद्रीय वन डिवीजन
