खटीमा: आरक्षित वनभूमि में बनाई मजार को किया ध्वस्त, दो दुकानें भी हटाईं
एसडीएम बिष्ट बोले- नोटिस भेजा जा चुका था, अब अतिक्रमण को हटा दिया
बोले वन विभाग के अधिकारी- 10 अप्रैल को नोटिस भेज दिया गया था 10 दिन का समय प्रशासन का सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ अभियान तेज पीलीभीत रोड पर भी हटाया गया अतिक्रमण
खटीमा, अमृत विचार। देवभूमि उत्तराखंड में सरकारी भूमि में अतिक्रमण के खिलाफ शासन के निर्देशों के बाद प्रशासन ने वन भूमि पर अतिक्रमण कर बनाई गई मजार को जेसीबी से ध्वस्त कराकर अतिक्रमण मुक्त कराया। वन विभाग पूर्व में ही संबंधित को नोटिस भेज चुका था। इसके अलावा प्रशासन ने पीलीभीत रोड पर मंडी के पास सड़क पर हुए अतिक्रमण भी ध्वस्त किया। इससे अतिकमणकारियों में हड़कंप मचा रहा।
एसडीएम रवींद्र सिंह बिष्ट के नेतृत्व मंगलवार को सरकारी भूमि पर हुए अतिक्रमण के खिलाफ राजस्व कर्मी जेसीबी के साथ अभियान में उतरे। टीम ने खटीमा वन विभाग की टीम के साथ सबसे पहले लोहियाहेड रोड में पॉलीप्लैक्स फैक्ट्री के नजदीक रिजर्व वन भूमि में बनी मजार को जेसीबी से हटाया। उप जिलाधिकारी रवींद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि संबंधित को वन विभाग की ओर से पूर्व में नोटिस भेजा जा चुका था।
वन विभाग के साथ सरकारी भूमि को भी खाली कराया गया। रेंजर महेश जोशी ने बताया कि डीएफओ की ओर से 10 अप्रैल को नोटिस भेजकर भारतीय वन अधिनियम की धारा-61 के अंतर्गत रिजर्व फारेस्ट में दावा प्रस्तुत करें या अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे। जिसके लिए 10 दिन का समय दिया गया था। अब इसे हटा दिया गया। सेवादार सब्बीर मियां को सामान, ईंट, मलबा आदि सुपुर्द किया गया। यह मजार कालू सैय्यद बाबा की बताई जा गई है।
इस दौरान उप जिलाधिकारी बिष्ट के साथ तहसीलदार शुभांगिनी, एसडीओ संतोष पंत, रेंजर महेंश चंद्र जोशी, मनीष पंत, भैरव बिष्ट, प्रवेश राणा, जागेश वर्मा, रेखा, वैशाली दीपक कुमार, संदीप कुमार, विवेक कुमार आदि मौजूद रहे। बताते चलें कि इससे पूर्व भी प्रशासन की टीम सरकारी रास्ते की भूमि में अतिक्रमण कर बनाई मजार को भी हटा चुकी है।
इस बीच एसडीएम बिष्ट ने तहसीलदार के साथ पीलीभीत रोड पर मुख्य चौराहे से मंडी गेट के पास तक भी अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया। इससे अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मचा रहा। टीम ने जेसीबी से मंडी के समीप अतिक्रमण कर बनाई गईं दो दुकानों को ध्वस्त किया। एसडीएम ने बताया कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। इस बीच पर्याप्त मात्रा में पुलिस भी मौजूद रही।
