अयोध्या : बारिश में नगर निगम के लिए बड़ी चुनौती होगी जलभराव की समस्या
अमृत विचार, अयोध्या। आने वाले बारिश के मौसम में अयोध्या में जलभराव की समस्या से निपटना नगर निगम और उसके नवनिर्वाचित बोर्ड के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होगा। अगले महीने जून से मानसून आने के साथ बरसात भी शुरू हो जाएगी। जिम्मेदार अधिकारी समस्या से निजात पाने के लिए अभी कोई विकल्प नहीं तलाश पाए हैं।
पिछले वर्ष बरसात के दौरान जनौरा, श्रृंगारघाट, वासुदेव घाट, रामघाट व अन्य क्षेत्र जूझ रहे थे। सबसे महत्वपूर्ण स्थान जलवानपुरा में घर-घर पानी घुस गया था। जलवानपुरा निवासी शत्रुघ्न गुप्ता, हीरालाल शर्मा, आशुतोष मिश्रा, अजय तिवारी, कमलेश गौड़, राहुल श्रीवास्तव सहित अन्य स्थानीय लोगों का कहना है कि 15 वर्षों से इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए जलभराव की समस्या आम है। हम लोग जानते हैं कि बरसात होते ही हम लोगों के घरों में पानी भर जाएगा। क्षेत्र में सीवर लाइन भी डाली जा चुकी है। उसके बावजूद क्षेत्र में जल भराव होता है। इसके लिए अधिकारियों को कई बार पत्र भी लिखा जा चुका है। समाधान के नाम पर सिर्फ पानी निकालने के लिए मोटर लगाए जाने की बात कही जाती है। मालूम हो कि दोनों नगरों अयोध्या और फैजाबाद में जलभराव की समस्या की असली जड़ विकास प्राधिकरण है जिसने प्रॉपर्टी डीलरों से साठगांठ कर बिना ले आउट प्लाटिंग और दर्जनों अवैध नई कालोनियों को आबाद हो जाने दिया। और इस खेल में कई सफेदपोश भी शामिल रहे।
बारिश से पहले ही बनाएंगे योजना : मेयर
नवनिर्वाचित मेयर महंत गिरीश पति त्रिपाठी ने बताया कि अयोध्या को जलभराव से निजात दिलाना हमारी प्राथमिकता में है। शपथ ग्रहण के साथ ही जलवानपुरा, जनौरा सहित अन्य प्रमुख स्थानों पर होने वाले जलभराव को लेकर योजना तैयार कर लोगों को निजात दिलाने का काम करेंगे। रामपथ निर्माण के लिए हो रही खोदाई भी बरसात में लोगों के लिए समस्या बन सकती है। इसके लिए अधिकारियों से चर्चा भी की जा रही है।
ये भी पढ़ें - अयोध्या : चर्चित अल्पसंख्यक भाजपा नेता के खिलाफ विवाहिता ने की दुष्कर्म और मारपीट की शिकायत
