लालकुआं: नगीना कालोनी में अतिक्रमण हटाओ अभियान दूसरे दिन भी जारी
लालकुआं, अमृत विचार। नगीना कालोनी में भारी पुलिस और रेलवे पुलिस बल के साथ अतिक्रमण हटाओ अभियान शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान चार जेसीबी और दो पोकलैंड के माध्यम से 300 घरों को धराशायी किया गया।
शुक्रवार को उपजिलाधिकारी मनीष कुमार सिंह व एसपी सिटी हरबंस सिंह के नेतृत्व में रेलवे व राजस्व की टीम ने अतिक्रमण हटाना शुरू किया। अतिक्रमण हटाने में चार जेसीबी और दो पोकलैंड लगाई गई है। इस दौरान विधायक डॉ. मोहन बिष्ट ने अधिकारियों से फोन पर वार्ता कर जितनी जमीन रेलवे को जरूरत है, उतनी ही जमीन से अतिक्रमण हटाने को कहा। ग्रामीण भीषण गर्मी में रेलवे ट्रैक के किनारे सामान रखकर कालोनी को निहारते देखे गए, जबकि जेसीबी नजदीक आते देख कब्जाधारी खुद ही अपने आशियानों को तोड़ रहे थे।
इस मौके पर सीओ हल्द्वानी भूपेंद्र धौनी, सीओ लालकुआं संगीता, तहसीलदार सचिन कुमार, प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. लव पांडे, कोतवाल डीआर वर्मा आदि मौजूद थे। उप जिलाधिकारी मनीष कुमार ने बताया आज पूरे दिन चले अभियान में लगभग 2:30 हेक्टेयर में 300 अवैध घर गिराए गए।
अभियान में मौजूद अधिकारी
उपजिलाधिकारी मनीष कुमार, एसपी सिटी सरदार हरबंस सिंह, सीओ हल्द्वानी भुपेंद्र सिंह धौनी, सीओ लालकुआं संगीता, तहसीलदार सचिन कुमार, सहायक मंडल इंजीनियर रेलवे सुबोध थपलियाल, सीनियर सैक्शन इंजीनियर रेलवे रोशन लाल जयशवाल, गौरव गौतम, कोतवाल डीआर वर्मा, वरिष्ठ उपनिरीक्षक हरेंद्र नेगी, एसओ बनभूलपुरा नीरज भाकुनी आदि मौजूद रहे।
दो दिन से भीषण गरमी में खुले आसमान के नीचे रात-दिन गुजार रहे हैं। बच्चे भूख व प्यास से तड़प रहे हैं, कोई भी सुध लेने वाला नहीं, समझ में नहीं आ रहा जाएं तो जाएं कहां।
-अंजलि वर्मा, नगीना कालोनी
बिना नोटिस दिए ही घरों में जेसीबी चला दी, सामान भी नहीं निकाल सके, रेलवे द्वारा गरीब जनता का उत्पीड़न किया जा रहा है। चुनाव के समय आने वाले जनप्रतिनिधि भी गायब हैं।
-अमजद अहमद, नगीना कालोनी
35 - 40 वर्षों से यहां रह रहे हैं। पति भी नही हैं। लोगों के घरों में काम करके गुजारा करती थी, किराए में कमरा लेने के लिए पैसे नहीं है। सामान मकान के मलबे में दब गया है।
-साहना, नगीना कालोनी
हम भी भारत के नागरिक हैं, जब लोग बस रहे थे तो फिर उस समय क्यों नहीं हटाया। अब जब जीवन भर की कमाई लगाकर पूरी घर गृहस्थी बसा ली तो बेरहमी से मकानों को धराशायी कर बेदखल कर दिया।
-बिट्टन नगीना कालोनी
घर टूटने के बाद पूरी रात रेलवे पटरी के किनारे बैठकर बिताई। अतिक्रमण के नाम पर गरीबों का उत्पीड़न किया जा रहा है। समझ में नही आ रहा है कि जाएं तो जाएं कहां।
-सर्वेश कुमार, नगीना कालोनी
