हल्द्वानी: पीडीपीएल से निष्कासित गए कर्मियों ने निकाली आक्रोश रैली
कंपनी ने निकाले कर्मचारियों के सामने रोजी- रोटी का संकट
श्रम आयुक्त कार्यालय के बाहर धरना दिया, मुख्य कारखाना निरीक्षक को सौंपा ज्ञापन तत्काल नौकरी पर वापस न रखने पर भूख हड़ताल की चेतावनी दी
हल्द्वानी, अमृत विचार। सिडकुल पंतनगर स्थित समाज ऑटोमोटिव कारखाना के 41 स्थायी कर्मचारियों को कंपनी ने नौकरी से निकाल दिया। कर्मचारियों ने इसके विरोध में हल्द्वानी में शुक्रवार को रैली निकालकर आक्रोश प्रकट किया। श्रम आयुक्त कार्यालय के बाहर धरना दिया। मुख्य कारखाना निरीक्षक को ज्ञापन सौंपकर कार्यवाही की मांग की।
धरना स्थल पर मौजूद कर्मचारियों ने कहा कि उनको समाज ऑटोमोटिव कारखाना में काम करते लगभग 10 वर्ष हो गए हैं। वह स्थायी कर्मचारी हैं। विगत एक माह से वह काम के लिए कंपनी गेट पर एकत्रित हो रहे हैं, लेकिन उन्हें अंदर नहीं आने दिया जा रहा है। कंपनी का नया मालिक स्थायी कर्मचारियों को हटाकर ठेके पर काम करने वाले मजदूरों को रख रहा है।
ट्रेड यूनियन ऐक्टू के प्रदेश महामंत्री केके बोरा ने कहा कि समाज ऑटोमोटिव कारखाना के नए मालिक ने अपने अधीन 20 दिनों तक कार्य लेने के बाद मजदूर यूनियन व श्रम विभाग को बिना किसी पूर्व सूचना व उचित प्रक्रिया अपनाए 41 स्थायी मजदूरों को मौखिक रूप से कहकर काम से निकाल दिया और गेटबंदी कर दी। जबकि श्रम कानून के अनुसार स्थायी मजदूरों को 58 वर्ष की उम्र पूरी होने से पहले कारखाना से नहीं निकाला जा सकता है।
उन्होंने आरोप है कि नए फैक्ट्री मालिक ने बिना लाइसेंस और सिडकुल ऑफिस से बिना कब्जा लिए फैक्ट्री में संचालन शुरू कर दिया है। ठेके के अनट्रेंड मजदूरों से भारी मशीनों पर काम लिया जा रहा है, जिससे कभी भी कोई दुर्घटना घट सकती है। कंपनी का नया मालिक गैर कानूनी तरीके से काम कर रहा है। उसे न तो कोई नैतिक डर है ना कोई कानूनी डर।
मजदूर यूनियन के अध्यक्ष प्रकाश चिलवाल ने कहा कि प्रदेश के उद्योगों में जब स्थाई मजदूरों का यह हाल है, तो ठेके के मजदूरों का क्या हाल होगा। मजदूर पिछले 29 दिनों से कंपनी के गेट के आगे ड्यूटी का इंतजार करते हुए भूखे प्यासे खड़े रहते हैं। मगर शासन-प्रशासन सुनने को तैयार नहीं है। मजदूरों का भारी शोषण और उत्पीड़न हो रहा है। मजदूरों ने तत्काल नौकरी पर न रखने पर भूख हड़ताल की चेतावनी दी है।
प्रदर्शन में ललित मटियाली, जीवन राम, जयप्रकाश, गौरी शंकर, केशव प्रसाद ,धर्मेंद्र पटेल, चरण सिंह, रंजन कुमार, ललित सिंह रावत, जगदंबिका प्रसाद, उदय पाल सिंह, ओमप्रकाश, श्रवण कुमार, पुरुषोत्तम, राजेश कुमार, जसवंत कुमार, यशपाल, अजीत गंगवार, लक्ष्मण सिंह, राकेश कुमार ,सत्यपाल आदि मौजूद रहे।
