संभल : मंदिर पर एक ट्राली मिट्टी डालने पर पुलिस ने दी यातनाएं, आहत युवक ने कर ली आत्महत्या

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

संभल, अमृत विचार। जनपद में पुलिस का घिनौना चेहरा सामने आया है। मंदिर पर एक ट्राली मिट्टी डालने की पुलिस ने युवक को ऐसी सजा दी कि वह आत्महत्या को मजबूर हो गया। ट्रैक्टर-ट्राली से मंदिर पर लाकर मिट्टी डाल रहे युवक ने रिश्वत देने से इंकार किया तो पुलिस कर्मियों ने उसे हिरासत में लेकर यातनाएं दीं। साथ ही उसका ट्रैक्टर-ट्राली भी कब्जे में ले लिया। आहत युवक ने घर आकर फांसी लगाकर जान दे दी। परिजन भड़के तो पुलिस अधिकारी अब जांच कर कार्रवाई की बात कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार का साफ आदेश है कि किसान अपने निजी काम के लिए अपने खेत से मिट्टी उठाकर ला सकते हैं। साथ ही आदेश यह भी है कि पुलिस खनन के मामले में कार्रवाई नहीं करेगी। खनन का कोई मामला सामने आयेगा तो खनन निरीक्षक या एसडीएम व सीओ की टीम को ही कार्रवाई का अधिकार होगा। इसके बावजूद पुलिस खनन के नाम पर किसानों से वसूली कर उनका उत्पीड़न कर रही है।

ताजा मामला जनपद संभल के कैला देवी थाना इलाके का है। यहां मिलक गांव के लोगों ने चंदा इकटठा कर मंदिर परिसर मिट्टी डालने की योजना बनाई थी। पुलिस कार्रवाई का डर था इसलिए पुलिस से दस हजार में सौदा तय कर तीन हजार रिश्वत एडवांस दे दी थी। इसके बावजूद जैसे ही ग्रामीणों ने ट्रैक्टर से मिट्टी डालनी शुरु की पुलिस मिटटी डाल रहे तीनों ट्रैक्टरों को ले गई और धर्मवीर व दो अन्य ट्रैक्टर चालकों को भी हिरासत में ले लिया।

मृतक

पुलिस ने रात दस बजे के बाद पुलिस ने ट्रैक्टर चालक धर्मवीर को छोड़ दिया। गुमसुम धर्मवीर घर आया तो उसने फांसी के फंदे पर लटककर जान दे दी। धर्मवीर के भाई राकेश व अन्य परिजनों का आरोप है कि थाने में ले जाकर पुलिस कर्मियों ने धर्मवीर के साथ मारपीट की और उसे धमकाया। इसी से आहत होकर उसने घर आकर फांसी लगाकर जान दे दी।

धर्मवीर के दोस्त रणविजय का कहना है कि थाना कैला देवी के थाना प्रभारी ने कहा था कि अपने काम के लिए कोई मिटटी डालना चाहता है तो उसे थाने पर लिखवाना होगा। इसी के चलते धर्मवीर दो अन्य लोगों के साथ थाने पर गया था। वहां अमित नाम के सिपाही ने इस हजार रुपये में बात तय की।तीन हजार रुपये सिपाही को दे दिये गये जबकि बाकी पैसे अगले दिन यानी बुधवार को देने की बात तय हुई।

धर्मवीर के आत्महत्या कर लेने के बाद भड़के परिजनों ने दो दोषी पुलिस वालों पर कार्रवाई की मांग उठाई तो सीओ व अन्य पुलिस अधिकारी मौक पर पहुंचे। सीओ जितेंद्र सरगम ने धर्मवीर के परिजनों को जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। हालांकि धमकाया भी कि कोई और बात निकली तो फिर मत कहना।

सीओ जितेंद्र सरगम का कहना है कि धर्मवीर की मौत के मामले को लेकर संभल जनपद के कैला देवी थाने की पुलिस कटघरे में है। मामले की निष्पक्ष जांच हो तो साफ हो जायेगा कि किस तरह पुलिस खनन माफियाओं पर मेहरबान है और खनन के नाम पर ग्रामीणों का उत्पीड़न कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने मृतक के परिजनों का जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है मगर कैमरे के सामने आकर कुछ भी कहने से बच रहे हैं। बड़ा सवाल यह है कि भाजपा की सरकार में मंदिर पर एक ट्राली मिटटी डालना क्या इतना बड़ा गुनाह हो गया है जिसकी वजह से पुलिस किसी किसी को हवालात में बंद कर ऐसी यातनाऐं देगी जिससे वह आत्महत्या पर मजबूर हो जाये।

ये भी पढ़ें : संभल: गंगा में उतराते मिले किशोरी और किशोर के शव, परिवारों में मचा कोहराम 

 

संबंधित समाचार