जौनपुर: सपा विधायक रमाकांत यादव को मारपीट के मामले में चार माह की सजा, सात हजार रुपए का जुर्माना

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जौनपुर। जौनपुर जिले की सांसद-विधायक अदालत ने मारपीट एवं बलवा करने के एक मामले में आजमगढ़ के फूलपुर-पवई विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के विधायक और पूर्व सांसद रमाकांत यादव को चार माह कारावास की सजा सुनाने के साथ ही उन पर सात हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। इस फैसले से रमाकांत यादव की विधानसभा सदस्‍यता पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

 जिला शासकीय अधिवक्ता सतीश कुमार पांडेय ने मंगलवार को बताया कि आज सांसद-विधायक अदालत की अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (एसीजेएम-तृतीय) श्‍वेता चंद्रा ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद विधायक, बाहुबली पूर्व सांसद को चार माह के कारावास की सजा सुनायी और सात हजार रुपये का जुर्माना लगाया। 

पांडेय ने बताया कि साढ़े तीन वर्ष पूर्व शहर के चक प्यार अली में होटल रिवर-व्यू के पास हुई एक घटना के मामले में विधायक को अदालत ने सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष के अनुसार पांच दिसंबर 2019 को दोपहर के समय जब मित्रसेन सिंह जेसीज चौराहा स्थित अपनी दुकान से मोटरसाइकिल से जा रहे थे तब होटल रिवर-व्यू के पास रमाकांत यादव का काफिला आ रहा था। 

अभियोजनपक्ष के मुताबिक तभी यादव के काफिले के एक वाहन में सवार किसी व्यक्ति ने मित्रसेन सिंह पर डंडे से प्रहार कर दिया और वह गिर गए तथा उसी समय वाहन से रमाकांत यादव एवं उनके 10-12 अज्ञात समर्थक उतरे एवं गालियां देते हुए वादी को मारने लगे। पांडेय ने बताया कि इन लोगों ने वादी के सीने पर राइफल तान कर जान से मारने की धमकी दी। 

मित्रसेन सिंह की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना के बाद आरोप-पत्र अदालत में दाखिल किया था। गौरतलब है कि किसी भी अदालत द्वारा किसी जनप्रतिनिधि को दो साल या उससे अधिक की सजा सुनाये जाने के बाद उसकी सदन की सदस्यता निर्णय के दिन से स्वतः: समाप्त मानी जाएगी। लेकिन मंगलवार के अदालत के फैसले से रमाकांत यादव की विधानसभा सदस्‍यता पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।  

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