बहराइच: 27 दिन बाद भी पुलिस की पकड़ से दूर अराजक तत्व, लोको पायलट की सूझबूझ से टला था बड़ा रेल हादसा
बहराइच, अमृत विचार। बहराइच-गोंडा रेल प्रखंड पर दो स्थानों पर अराजक तत्वों ने रेलवे पटरी पर पत्थर रख दिए थे। लोको पायलट की सजगता से हादसा नहीं हो सका लोको पायलट ने मुकदमा भी दर्ज कराया, लेकिन 27 दिन बाद भी पुलिस के खाली हाथ है।
तेलंगाना और अन्य प्रदेश में रेल पटरियों पर पत्थर रखने की घटनाएं बढ़ गई हैं। इससे अछूता बहराइच जनपद भी नहीं है। बहराइच गोंडा रेल प्रखंड पर सात मई को पयागपुर रेलवे स्टेशन से थोड़ा आगे अराजक तत्वों ने रेलवे पटरी पर पत्थर रख दिए थे। गोंडा से बहराइच जा रही डेमू ट्रेन के लोको पायलट में सजगता से ट्रेन रोक दी।
इसके बाद अज्ञात के विरुद्ध लोको पायलट ने मुकदमा दर्ज कराया। घटना के दो दिन बाद ही 9 मई को गोंडा बहराइच रेल प्रखंड चिलवरिया रेलवे स्टेशन के पास रेल लाइन पर पुनः पत्थर रख दिए गए। इसकी भी जानकारी लोको पायलट को समय रहते हो गई। नौ मई की घटना के मामले में भी लोको पायलट ने आरपीएफ थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।
घटना के 27 दिन बीत गए हैं, अभी तक आरपीएफ की जांच ही चल रही है। इस मामले में आरपीएफ इंस्पेक्टर श्याम राज से बात की गई तो उन्होंने बताया कि लोको पायलट की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच में प्रथम दृष्टया बच्चों द्वारा रेल लाइन पर पत्थर रखे जाने की जानकारी आई है। फिलहाल हर पहलू की जांच चल रही है।
