बाराबंकी: पुलिस अभिरक्षा में मौत, आक्रोशित भीड़ ने कोतवाली का घेराव कर जाम किया हाईवे
मारपीट की घटना में दोनों पक्ष को कोतावाली लाई थी पुलिस, थाने लाए गए युवक का फंदे से लटकता मिला शव
बाराबंकी/अमृत विचार। रास्ते में खड़े ई- रिक्शा को हटाने को लेकर हुई विवाद में थाने लाए गए आरोपियों में एक की पुलिस अभिरक्षा में मौत हो गई। रविवार की भोर उसका शव कोतवाली से कुछ दूरी पर एक पेड़ में शर्ट के फंदे से लटका मिला। इसकी सूचना पर आक्रोशित भीड़ ने पोस्टमार्टम को ले जाए जा रहे शव को उतरवा कर जमकर हंगामा किया। आक्रोशित भीड़ ने कोतवाली के घेराव के साथ लखनऊ- सुल्तानुपर हाईवे पर जामकर प्रदर्शन किया।
सूचना पर कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ एसपी व एएसपी मौके पर पहुंचे। उसके बाद समझाबुझाकर मारपीट करने वालों पर केस दर्ज किया। वहीं जांच के बाद दोषी पाए जाने वाले अन्य लोगों पर कार्रवाई का आश्वासन देकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। जहां चिकित्सकों के पैनल के द्वारा पोस्टमार्टम कर वीडियोग्राफी कराई जा रही है।
घटना हैदरगढ़ कोतवाली के मनीपुर गांव की है। शनिवार की शाम कोतवाली क्षेत्र के मंझिगवां निवासी राजेंद्र गांव के ही उमेश और अंकित के साथ घर से निकला था। मनीपुर गांव में रास्ते में खडे़ ई- रिक्शा को हटाने को लेकर रामबक्श व त्रिभुवन से विवाद हुआ। जिसके बाद दोनों ने मिलकर लाठी-डंडे व लात-घूसों से तीनों युवको की पिटाई कर दी। इसकी सूचना उमेश ने अपने भाई चंद्रिका को दी।

इस पर चंद्रिका मौके पर पहुंच गया। उसके बाद डायल-112 व एंबुलेंस को सूचना दी। इस पर पुलिस उमेश व अंकित व राजेंद्र को थाने ले आई। जहां उमेश व अंकित को सीएचसी में भर्ती कराया। रविवार की सुबह कौडिया गांव के पास राजेंद्र का शव उसके ही शर्ट से पेड़ में लटका मिला। सोशल मीडिया पर फोटो वायरल होने पर परिजनों को जानकारी हुई तो वह मौके पर पहुंचे। जहां पर पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए लेकर जा रही थी।
इस पर परिजनों ने शव को वाहन से नीचे उतारकर पुलिस अभिरक्षा में मौत की बात को लेकर ग्रामीणों के साथ हंगामा शुरू कर दिया। आक्रोशित भीड़ ने कोतवाली के घेराव के साथ हैदरगढ़- सुल्तानपुर मार्ग जाम कर दिया। इसकी सूचना प्रभारी निरीक्षक लाल चंद्र सरोज ने उच्चाधिकारियों को दी। इस पर एएसपी डा. अखिलेश नारायण सिंह, सीओ जे एस अस्थाना व लोनीकटरा, सुबेहा, कोठी समेत कई थानों की पुलिस पहुंच गई। मगर, परिजन दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर अडे़ रहे।
इस पर एएसपी दक्षिणी ने बताया कि युवक को मुल्जिम मानकर पुलिस नहीं लाई थी। वह चंद्रिका के साथ बाइक से कोतवाली आया था। जहां पर उसकी हालत को देखकर पीआरबी का एक जवान और होमगार्ड उसे लेकर सीएचसी जा रहे थे। इसी दौरान राजेंद्र भाग गया था। सीएचसी के पीछे कौडिया गांव में उसने अपने शर्ट के फंदे से लटकर जान दे दी। मगर, परिजन मानने को तैयार नहीं थे। इस पर पहुंचे एसपी दिनेश कुमार सिंह ने परिजनों की तहरीर पर मारपीट करने वालों पर केस दर्ज कर अन्य दोषियों पर भी कार्रवाई का आश्वासन देकर मामले कों शांत कराया। उसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
मारपीट के विवाद में राजेंद्र अपने साथी चंद्रिका के साथ कोतवाली आया था। जहां उसे इलाज के लिए पीआरवी के सिपाही व होमागार्ड लेकर सीएचसी जा रहे थे। सीएचसी मोड के पास राजेंद्र नीचे उतरा उसके बाद भाग गया। वह मुल्जिम नहीं था। इस लिए उसकी तलाश भी नहीं की गई। रविवार की भोर उसका शव लटका मिला है। इस मामले का केस दर्ज कर लिया गया है। चिकित्सकों के पैनल से पोस्टमार्टम व वीडियोग्राफी कराई जा रही है। जांच में अन्य दोषी भी पाए गए तो उन पर कार्रवाई की जाएगी ...दिनेश कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक बाराबंकी।
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