रुद्रपुर: टुकटुक चालक राकेश हत्याकांड का हुआ खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार

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Edited By Amrit Vichar
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रुद्रपुर, अमृत विचार। टुकटुक चालक राकेश हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस व एसओजी की संयुक्त टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। टीम ने उनके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त चाकू भी बरामद किया है। बताया जा रहा है कि पैसों के लालच में आकर दोनों ने चालक की हत्या की और शव को गन्ने के खेत में फेंक दिया था। पुलिस ने दर्ज रिपोर्ट में लूट की धारा को तरमीम कर दिया है।

एसएसपी मंजूनाथ टीसी, एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल, एसपी क्राइम चंद्रशेखर घोडके और सीओ अनुषा बडोला ने बुधवार को राकेश हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि थाना ट्रांजिट कैंप सिडकुल ढाल निवासी 35 वर्षीय राकेश कुमार 10 जून को रोजमर्रा की भांति टुकटुक लेकर घर से निकला था और रात 11 बजे के करीब उसका शव सिडकुल इलाके के गन्ने के खेत में मिला था। 11 जून की सुबह पुलिस ने सोशल मीडिया सहित सुरागरसी पतरसी की तो मृतक की शिनाख्त हुई।

जिसके बाद हत्याकांड की कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए पुलिस ने टांडा जंगल इलाके से ग्राम उदयपुरी चोपड़ा पीरूमदारा रामनगर निवासी अभिषेक रावत और ग्राम खड़कपुर बैरीपड़ाव मोटाहल्दू लालकुआं निवासी कृष्णा जोशी को गिरफ्तार कर लिया और उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू, लूटा गया टुकटुक और मोबाइल भी बरामद किया।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि नौकरी छूटने के बाद उनकी मुलाकात टुकटुक चालक राकेश कुमार से हुई थी । पैसों की तंगी के कारण उन्होंने 10 जून को पहले राकेश को जमकर शराब पिलाई और उसके बाद चाकू से उसकी हत्या कर शव को वहीं फेंक दिया। आरोपी चार हजार रुपये की नकदी के अलावा मोबाइल और टुकटुक को भी अपने साथ ले गए। ताकि उसे बेचकर पैसा प्राप्त कर सकें। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ दर्ज हत्या की रिपोर्ट में लूट की धारा भी बढ़ा दी है।

सर्च अभियान और सिपाही की सक्रियता ने खोला हत्याकांड का राज
हल्द्वानी। अज्ञात टुकटुक चालक राकेश हत्याकांड के खुलासे में पुलिस का सर्च अभियान और सिपाही की सक्रियता ने अहम भूमिका निभाई है। जहां एक ओर पुलिस को सर्च अभियान में रसीद बिल के आधार पर अज्ञात शव की पहचान की। वहीं सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे संदिग्ध हत्यारों की पहचान सिपाही द्वारा गांव में भेजे गए फोटो के आधार पर की गई। जिसको लेकर एसएसपी ने संयुक्त टीम की कार्रवाई की प्रशंसा की और दो हजार का इनाम घोषित किया है।

खुलासे के दौरान एसपी क्राइम चंद्रशेखर घोडके ने बताया कि 10 जून की रात जिस वक्त पुलिस को सूचना मिली उस वक्त पुलिस के सामने एक अज्ञात के शव की शिनाख्त करना बड़ी चुनौती था। मगर एसएसपी के आदेश पर पंतनगर, सिडकुल पुलिस के अलावा पीएसी  के जवानों की एक टीम बनाकर घटनास्थल पर सर्च अभियान चलाया गया। जहां चप्पा-चप्पा खंगालने के दौरान पुलिस को एक रसीद मिली। जिसमें राकेश कुमार द्वारा एक बैटरी खरीदी गयी और उस पर पूरा पता भी अंकित था। बस वहीं से हत्याकांड का पहला सुराग हाथ लगा।

वहीं 11 जून की दोपहर को सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे दो संदिग्धों में से कृष्णा जोशी की पहचान कराने में एसओजी के सिपाही नीरज भोज की अहम भूमिका रही। जिसने आरोपी के चेहरे को अपने गांव खड़कपुर बेरीपड़ाव के एक युवक की समझ उसकी फोटो को सोशल मीडिया के माध्यम से गांव के लोगों को भेज दिया। उसके कुछ घंटे बाद ही स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस ने आरोपी की कुंडली खंगाल दी। शव की पहचान होने और एक हत्यारे को चिह्नित करने के बाद पुलिस को अब उनकी गिरफ्तारी पर ध्यान देना शुरू कर दिया। मगर आरोपियों को इसकी भनक लग गई और दोनों गाजियाबाद भाग गए। मगर 14 जून को टुकटुक को ठिकाने लगाने के लिए टांडा जंगल पहुंचने पर पुलिस ने आरोपियों को दबोच लिया। जिसके बाद पुलिस ने हत्याकांड के चार दिन बाद मामले का पर्दाफाश कर दिया।

अभिषेक और कृष्णा को नशे की लत ने बनाया मुजरिम
रुद्रपुर। शहर में नौकरी की तलाश में आए दोनों आरोपी अभिषेक और कृष्णा आर्थिक तंगी का सामना कर रहे थे, क्योंकि पैसा नहीं होने के कारण वह नशे की लत को पूरा नहीं कर पा रहे थे। बताया जा रहा है कि अभिषेक एवं कृष्णा बरेली के एक ढाबे पर काम करते थे और छह जून को नौकरी चले जाने के बाद नौकरी की तलाश में रुद्रपुर आए थे। जहां उनकी पहली मुलाकात टुकटुक चालक राकेश कुमार से हुई थी। मगर उनकी नजर उसके टुकटुक पर नजर थी।

यही कारण है कि 10 जून की सुबह आरोपियों को पता चला कि उसके पास चार हजार रुपये हैं। तो उसी वक्त दोनों ने उसकी हत्या की साजिश रच डाली।  उन्होंने राकेश को सुनसान गन्ने के खेत में बुलाने के बाद जमकर नशा किया और जब चालक मदहोश हो गया तो उन्होंने पहले उसके सीने पर चाकू से वार किया और दूसरा वार कमर के पीछे किया। कुछ ही देर बाद जब वह मर गया तो उन्होंने चालक के शव को ऐसी जगह छिपाया। जहां किसी की नजर नहीं पड़े और नगदी, टुकटुक लेकर फरार हो गए।

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