हल्द्वानी: परिवहन विभाग और निगम मुख्यालय कर रहा है परिवहन निगम से भेदभाव
हल्द्वानी, अमृत विचार। परिवहन निगम के कर्मचारियों ने परिवहन विभाग पर एकतरफा कार्रवाई और निगम मुख्यालय पर रोडवेज की बदहाल व्यवस्थाओं को दुरूस्त करने के बजाए प्राइवेट ऑपरेटरों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। कर्मचारियों का कहना है कि निगम मुख्यालय निजी लाभ के लिए प्राइवेट ऑपरेटरों के साथ मिलीभगत कर रहा है। निगम मुख्यालय लाभकारी मार्गों पर रोडवेज बसों के स्थान पर प्राइवेट बसें चला रहा है।
कर्मचारियों का कहना है कि परिवहन निगम पहले से भारी अव्यवस्थाओं से जूझ रहा है। एक तरफ हल्द्वानी डिपो सहित कई अन्य डिपो में परिचालकों की कमी है, वहीं दूसरी तरफ निगम की बसें बढ़ाने के बजाए प्राइवेट ऑपरेटरों को बढ़ावा दिया जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि परिवहन विभाग के निर्देशों से परिवहन निगम की बसों से लगेज कैरियर हटवा दिए गए हैं इस कारण सर्विस क्लास यात्रियों जैसे कि पुलिस विभाग के यात्री, सेना के जवान आदि का लगेज भी निगम की बसों में नहीं जा पा रहा है।
वहीं दूसरी तरफ प्राइवेट टैक्सियों और बसों में लगेज कैरियर लगे हुए हैं। यह परिवहन विभाग की निगम के प्रति दोहरी नीति को उजागर करता है। रोडवेज की बसों का ओवरलोडिंग और बीच मार्ग पर यात्री बैठाने और उतारने पर चालान किया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ केमू, प्राइवेट बसों और टैक्सियां ओवरलोड होकर जा रही हैं तो उन पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
अकेले हल्द्वानी डिपो में परिचालकों के 28 पद रिक्त चल रहे हैं। दो माह पहले हल्द्वानी डिपो ने इन पदों को भरने के लिए पीआरडी कार्मिकों की मांग की गई थी जिस पर अभी तक एक भी नियुक्ति नहीं की गई है। पूर्व में संयुक्त परिषद् के आंदोलन के बाद परिवहन निगम मुख्यालय ने निगम की 100 नई बसें खरीदने का आश्वासन दिया था लेकिन अभी तक हल्द्वानी डिपो में एक भी बस नहीं आई है जबकि अनुबंध की 10 सीएनजी खरीदी गई हैं जिनको दिल्ली सहित अन्य लाभकारी मार्गों पर चलाया जा रहा है।
परिवहन निगम के कर्मचारियो से बातचीत
परिवहन विभाग की निरीक्षण टीम परिवहन निगम के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है प्राइवेट और डग्गामार वाहनों की चेकिंग नहीं हो रही है केवल रोडवेज की बसों का निरीक्षण किया जा रहा है
( आनसिंह जीना) क्षेत्रीय मंत्री रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद कुमाऊं क्षेत्र
परिवहन निगम बसों के अभाव से जूझ रहा है। बसों के अभाव में पर्वतीय मार्गों की स्थिति बहुत खराब है, बसें जगह-जगह ब्रेकडाउन हो रही हैं। निगम में कार्यरत विशेष-श्रेणी -संविदा मृतक आश्रितों को नियमित किया जाये उसके उपरांत ही परिवहन निगम में भर्ती प्रकिया शुरू हो।
कमल पपनै
- प्रदेश अध्यक्ष, उतरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन
संयुक्त मोर्च की बैठक में परिवहन विभाग की कार्यवाही का पुरजोर विरोध किया गया। निगम के अधिकारियों को परिवहन विभाग के साथ संयुक्त चेकिंग टीम की मांग कर ओवरलोडिंग वाहनों की जांच की जानी चाहिए।
- रघुवीर चौधरी, मंडलीय मंत्री, उतरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन
