रुद्रपुर: नाबालिग के साथ कुकर्म के दोषी को 20 साल के कारावास की सजा
रुद्रपुर, अमृत विचार। वर्ष 2021 में नाबालिग बालक के साथ कुकर्म करने के दोषी को विशेष न्यायाधीश एफटीसी ने 20 साल का कठोर कारावास और 40 हजार रुपये का अर्थदंड देने की सजा सुनाई है। इस दौरान विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो ने अदालत के समक्ष 7 गवाह पेश किए। अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार को भी एक माह के अंदर 4 लाख की आर्थिक प्रतिपूर्ति सहायता राशि देने का आदेश जारी किया है।
विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो विकास गुप्ता ने बताया कि थाना झनकईयां की रहने वाली एक महिला ने 6 दिसंबर 2021 को पुलिस को सूचना दी थी कि शाम साढ़े सात बजे उसका तेरह साल का बेटा अपने दोस्तों के साथ पड़ोसी की शादी में गया था। जब रात नौ बजे तक घर नहीं लौटा तो उसकी दादी ने काफी खोजबीन की।
मगर उसका कोई सुराग नहीं लगा और अचानक रात दस बजे बेटा घर लौटा। पूछताछ करने पर उसने बताया कि गांव राजीव नगर थाना झनकईया निवासी हीरा सिंह उसे दुकान से चीज दिलाने के बहाने एक खाली प्लाट में ले गया और उसके साथ कुकर्म किया। जिसके आधार पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करते हुए 7 दिसंबर को कुकर्म के आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और प्रकरण की सुनवाई विशेष न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट पॉक्सो न्यायाधीश अश्विनी गौड़ की अदालत में हुई।
जहां विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो विकास गुप्ता ने अदालत के सामने 7 गवाह पेश किए। दोनों पक्षों की जिरह सुनने के बाद अदालत ने कुकर्म के आरोपी हीरा सिंह को 20 साल कठोर कारावास व 40 हजार रुपये का अर्थदंड की सजा सुनाई। साथ ही प्रदेश सरकार को आदेशित किया कि एक माह के अंदर पीड़ित नाबालिग को 4 लाख रुपये की धनराशि प्रतिपूर्ति दी जाए। ताकि पीड़ित को अपना भविष्य निर्धारण करने में आर्थिक स्थिति का सामना न करना पड़े।
