हल्द्वानी: महाविद्यालयों में तैनात नहीं हो पाए योग प्रशिक्षक 

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Edited By Amrit Vichar
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हल्द्वानी, अमृत विचार। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने प्रदेश के विश्वविद्यालय परिसर और महाविद्यालयों में योग प्रशिक्षक तैनात करने की पूर्व में घोषणा की थी, जो अबतक पूरी नहीं हो पाई है। निदेशालय स्तर से दोबारा इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।
 

कुमाऊं विश्वविद्यालय, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय और श्रीदेवसुमन विश्वविद्याल परिसर और इनसे संबद्ध सभी महाविद्यालयों में योग प्रशिक्षक तैनात किए जाने थे। मगर लंबे समय बाद भी इस ओर सकारात्मक पहल नहीं की गई है। इससे योग में डिप्लोमा और डिग्री करने वाले युवाओं में निराशा है। हालांकि उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से दोबारा शासन को प्रस्ताव भेजने के बाद एक बार फिर उम्मीद जगी है, लेकिन यह उम्मीद कबतक पूरी होगी। यह शासन के निर्णय के बाद तय हो पाएगा। 
 

सोबन सिंह जीना विवि, एमबीपीजी कॉलेज समेत प्रदेश के कई महाविद्यालयों से हर वर्ष विद्यार्थी रोजगार की आस में योग में डिप्लोमा, डिग्री की पढ़ाई करते हैं। बदलती जीवन शैली में निरोग रहने के लिए योग जरूरी है। भारतीय योग प्रणाली को अंतरराष्ट्रीय मान्यता भी प्राप्त हो चुकी है। 21 जून को पूरी दुनिया योग दिवस मनाएगी। स्कूल, कॉलेज, अस्पताल आदि जगहों पर योग प्रशिक्षकों की मांग लगातार बढ़ रही है। कई संस्थान योग प्रशिक्षकों को निजी तौर भी नियुक्ति दे रहे हैं। मगर शासन की ओर से योग प्रशिक्षकों को महाविद्यालयों में नियुक्त नहीं मिलने से युवाओं में निराशा है।  


प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय परिसरों और इनसे संबद्ध महाविद्यालयों में योग प्रशिक्षकों की तैनाती के लिए शासन को दोबारा प्रस्ताव भेजा गया है। प्रस्ताव में योग प्रशिक्षकों की तैनाती के लिए अनुमोदन किया गया है।  
-डॉ. आरएस भाकुनी, उपनिदेशक 

  

 

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