पीलीभीत: प्रसव के बाद महिला की मौत पर निजी अस्पताल में हंगामा..जानिए पूरा मामला
पीलीभीत, अमृत विचार। चार दिन पहले निजी अस्पताल में भर्ती कराई गई प्रसूता की प्रसव के बाद अचानक हालत बिगड़ी और फिर उसकी मौत हो गई। इसके बाद गुस्साए परिवार वालों ने निजी अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ की लापरवाही को मौत का जिम्मेदार बताते हुए हंगामा कर दिया।
इसकी सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और काफी देर तक परिजन से नोकझोंक हुई। कई घंटे चलते हंगामे के बाद बमुश्किल परिवार को शांत कराया। इसके बाद परिजन शव लेकर चले गए। तब जाकर पुलिस ने राहत की सांस ली। घटना नौगवां चौराहा के पास एक निजी अस्पताल की है। जहानाबाद के ग्राम अंडरायन के रहने वाले हरिराम खेती कर परिवार का भरण पोषण करते हैं।
उनकी गर्भवती पत्नी सरस्वती (26) को प्रसव के लिए 21 जून को प्रसव पीड़ा होने पर निजी अस्पताल भर्ती कराया गया। वहां पर उसने एक बच्चे को जन्म दिया। महिला का सीजर ऑपरेशन हुआ था तो वह अस्पताल में ही भर्ती थी। उसकी रविवार सुबह अचानक हालत बिगड़ गई। उसके बाद प्रसूता की मौत हो गई।
इसके बाद हंगामा शुरू हो गया। परिवार वाले और उनके साथ मौजूद ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया। उनका कहना था कि इलाज में बरती गई लापरवाही के चलते महिला की मौत हुई है। उसकी स्टाफ ने गलत इलाज कर दिया। शेार सुनकर मौके पर भीड़ जमा हो गई।
इसकी सूचना मिलने पर पहले यूपी 112 पुलिस मौके पर पहुंची और फिर सुनगढ़ी थाना पुलिस भी आ गई।अस्पताल छावनी में तब्दील हो गया। पुलिस ने शांत कराने का प्रयास किया लेकिन गुस्साए परिजन अस्पताल स्टाफ पर कार्रवाई की मांग पर अडिग रहे। हालांकि बाद में शव लेकर परिजन चले गए। कुछ देर तक पुलिस अस्पताल में रुकी रही और फिर जब कोई वापस नहीं लौटा तो पुलिस भी चलती बनी।
एक महिला की प्रसव के बाद निजी अस्पताल में मौत हो गई थी। परिवार वाले पहले हंगामा कर आरोप लगा रहे थे। इसकी सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर गई थी। काफी कहने के बाद भी परिवार वालों ने शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया। वह बिना कोई शिकायत किए शव लेकर चले गए। - जगत सिंह, इंस्पेक्टर सुनगढ़ी
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