रुद्रपुर: दबोचे नहीं जाते आरोपी तो किच्छा में हो सकता था बड़ा शूटआउट

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Edited By Amrit Vichar
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मनोज आर्या, रुद्रपुर, अमृत विचार। सितारगंज हाईवे पर संचार कंपनी के एरिया सेल्स मैनेजर से हुई लूटकांड में शामिल बदमाशों को पुलिस यदि समय रहते नहीं दबोचती तो किच्छा में दो गैगों के बीच एक बड़ा शूटआउट होने की प्रबल संभावना थी, क्योंकि पुलिस पूछताछ में बदमाशों ने बताया कि वह अपने प्रतिद्वंद्वी गैंग से बदला लेने के लिए धन और वाहन जुटा रहे थे। इसके बाद पुलिस ने बदमाशों पर अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
 

खुलासे के दौरान पुलिस अधिकारियों का कहना था कि एरिया सेल्स मैनेजर मनोज गंगवार से हुई कार लूटकांड में पकड़े गए आरोपी अमरदीप सिंह उर्फ सोनू और मनप्रीत सिंह उर्फ गोपी ने बताया कि उनका किच्छा के ही हिस्ट्रीशीटर से विवाद चल रहा है और उसको सबक सिखाने के लिए उन्होंने सबसे पहले अपने गैंग के साथ मिलकर धन जुटाने की योजना बनाई।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि जिस वक्त एरिया मैनेजर पीलीभीत से रुद्रपुर के लिए निकला तो उनको खबर थी कि कार स्वामी के पास काफी नगदी और नई एक्सयूवी कार भी है। उसके पीलीभीत से निकलते ही उन्होंने कई बार कार को ओवरटेक कर लूटने की कोशिश की। मगर ज्यादा ट्रैफिक होने के कारण उन्होंने कार का पीछा किया और कठंगरी के पास रोककर वारदात को अंजाम दिया। मगर एरिया मैनेजर के पास नगदी नहीं थी, मगर उसकी कार बिल्कुल नई थी।

बताया कि कार लूटने के कुछ ही दिन बाद वह कार का प्रयोग कर किच्छा के हिस्ट्रीशीटर का खेल खत्म करना चाहते थे। मगर इससे पहले पुलिस ने उनको दबोच लिया। सीओ सितारगंज ओम प्रकाश शर्मा ने बताया कि पकड़े गए आरोपी अमरदीप और मनप्रीत पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और दोनों ही आपराधिक प्रवृति के साथ-साथ बिश्नोई गैंग से भी ताल्लुक रखते हैं।

यही कारण है कि पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वर्चस्व कायम रखने के लिए वह किच्छा में बड़े शूटआउट की योजना बना चुके थे। पुलिस अब पूरे गैंग का नेटवर्क तोड़ने की योजना बना रही है। 

रंगदारी व फायरिंग प्रकरण में भी आया दोनों का नाम रुद्रपुर। वर्ष 2021 में गल्ला मंडी में टायर व्यापारी से लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर एक करोड़ रंगदारी और फायरिंग मामले में भी मनप्रीत और अमरदीप सिंह का नाम सामने आया था। बता दें कि गल्ला मंडी में बडे टायर व्यापारी से एक करोड़ की रंगदारी नहीं देने पर देर शाम को बाइक सवार बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दहशत बना दी थी।

जिसमें टायर कारोबारी बाल-बाल बचे गए थे। जब पुलिस ने फायरिंग एवं रंगदारी प्रकरण में तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर खुलासा किया तो अमरदीप सिंह और मनप्रीत का नाम बदमाशों को शरण देने में आया था। जिसके बाद से दोनों का नाम गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ गया था।

500 कैमरे खंगालने के बाद निकली आखिरी लोकेशन
रुद्रपुर। जिस वक्त सितारगंज हाईवे पर संचार कंपनी के एरिया सेल्स मैनेजर से कार लूट की वारदात हुई थी। उस वक्त पुलिस के हाथ बिल्कुल खाली थे। इसके लिए पुलभट्टा, सितारगंज एवं एसओजी की टीम ने सामंजस्य बनाकर जब घटनास्थल से लेकर बरेली यूपी हाईवे पर लगे सीसीटीवी फुटेजों को खंगालना शुरू किया तो परत दर परत पुलिस को सफलता मिलती गई।

एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल ने बताया कि फुटेज और सुरागरसी में दारोगा विक्रम सिंह व दो सिपाहियों की अहम भूमिका है। जिन्होंने मनप्रीत के गांव गरीबपुरा बहेड़ी तक तकरीबन 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल डाली थी और आखिरी लोकेशन बहेड़ी की ही निकली। जिसके बाद ही पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की।

बयानों के नहीं, बल्कि भूमिका पर बनेंगे आरोपी
रुद्रपुर। हाईवे कार लूटकांड में जहां पुलिस ने तीन बदमाशों की गिरफ्तारी कर ली है। वहीं चौथे आरोपी सुलेमान की सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है। मगर एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने आदेश दिए है कि यह पड़ताल अभी थमेगी नहीं, बल्कि पकड़े गए आरोपियों के बयानों के आधार पर पुलिस किसी को आरोपी नहीं बनाएगी, बल्कि उनकी भूमिका की पड़ताल कर उनके मुकदमे शामिल करेगी।

जिसमें टाटा सफारी मालिक की भूमिका के आदेश भी दिए गए। उन्होंने बताया कि वारदात में चार नहीं, बल्कि ओर भी आरोपी हो सकते हैं। जिनकी अलग-अलग भूमिका हो सकती है। एसएसपी ने आदेश दिए कि कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए लूटकांड के प्रत्येक आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी।

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