अंतर्जनपदीय तबादले: शिक्षकों की घर वापसी की खुशी हुई काफूर, रिलीविंग पर लगी रोक, मचा हड़कंप

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Edited By Amrit Vichar
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एक जुलाई को सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने जारी किया निर्देश, मचा हड़कंप 

अयोध्या/अमृत विचार। नौ दिन चले अढ़ाई कोस। बेसिक शिक्षा विभाग पर यह कहावत सटीक बैठती है। अन्तरजनपदीय तबादला प्रक्रिया होने के बाद अब शिक्षकों को कार्यमुक्त किए जाने पर रोक लगा दी गई है। एक जुलाई को सचिव बेसिक शिक्षा परिषद प्रताप सिंह बघेल द्वारा जारी आदेश को लेकर अब हडकंप मचा हुआ है। 
   
हालांकि यह रोक 69000 सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया के तहत चयनित शिक्षकों पर ही लागू होगी। फिलहाल इस आदेश को लेकर विभाग में असमंजस की स्थिति है। जिसके चलते रिलीविंग और ज्वाइनिंग ठहर गई है। बताया जाता है कि बेसिक शिक्षा विभाग ने अन्तरजनपदीय तबादले का आदेश तो जारी कर दिया लेकिन  उच्च न्यायालय की ओर से 69000 सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया को लेकर दिए गए आदेश को भूल गया। तबादला प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब सुधि आई तो आनन-फानन में एक जुलाई को आदेश दिया है।

सचिव बेसिक शिक्षा परिषद प्रताप सिंह बघेल द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि भर्ती प्रति को लेकर दिया गया उच्च न्यायालय का आदेश को दृष्टिगत रखते हुए अभी ऐसे शिक्षकों को कार्यमुक्त न किया जाए जो 69000 सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया के तहत चयन किए गए थे। सचिव ने जारी पत्र में कहा है कि उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के क्रम में अभ्यर्थियों के जनपद आवंटन में परिवर्तन की सम्भावना है। ऐसे में इस भर्ती प्रक्रिया के तहत चयनित शिक्षकों को कार्यमुक्त कदापि नहीं किया जाए।

सचिव के इस आदेश को लेकर घर वापसी की खुशी में फूले नहीं समा रहे शिक्षकों की खुशी काफूर हो गई है। बता दें कि जिले से 88 शिक्षकों का स्थानांतरण किया गया है जिसमें चालीस से अधिक इस भर्ती प्रक्रिया के तहत चयनित हैं। वहीं आने वाले 402 शिक्षक में भी अधिकतर इसी दायरे में आ रहे हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार राय ने बताया कि सचिव का आदेश शनिवार को शाम प्राप्त हुआ है। जो संबधित भर्ती प्रक्रिया के शिक्षक होगें उन्हें रिलीव नहीं किया जाएगा।

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