रामनगर: स्केलर के निलंबन से भड़के वन निगम कर्मी, आरपार की लड़ाई का किया एलान
रामनगर, अमृत विचार। वन विकास निगम में स्केलर के पद पर तैनात किशन सिंह भंडारी के निलंबन एवम 1991 के वेतन के एरियर का आकलन मुख्यालय न भेजे जाने से निगम कर्मचारी भड़क गए है। उन्होंने अब आरपार की लड़ाई लड़ने का एलान किया है।
बुधवार को आमडण्डा नीलाम गृह में वन विकास निगम कर्मचारी संगठन पच्छमी के वरिष्ठ उपाद्यक्ष डीएस अधिकारी के संचालन में संम्पन बैठक में स्केलर किशन सिंह भंडारी के निलंबन पर रोष जताते हुए उनकी बहाली की मांग की गई।
वक्ताओं ने वन निगम मैनेजमेंट पर कर्मचारियों के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कहा कि मैनेजमेंट ने कर्मचारियों के 1991 के वेतन का एरियर आंकलन मुख्यालय को भेजे जाने में टाल मटोली की जा रही है जो उन्हें आंदोलन के लिए विवश कर रही है।
बैठक में वन विभाग पर आरोप लगाया कि वर्ष 2022 व 2023 में खनन व जवाला वन लौटो में एक करोड़ से ज्यादा की पीडी निगम पर डाली गई है। जो न्यायसंगत नहीं है। वक्ताओं ने यह भी कहा कि जवालावन में अभी लौट का त्यागपत्र नही हुआ है मगर वन निगम ने 27 लाख की पीडी फिर लगा दी है जो पूर्णतया गलत है।
तय हुआ कि स्केलर के निलंबन के अलावा वन विभाग द्वारा डाली गई पीडी व एरियर सम्बन्धित समस्या को लेकर क्षेत्रीय प्रबंधक से वार्ता की जाएगी यदि कोई सकारात्मक हल नहीं निकलता है। तो आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। इस दौरान दिनेश बिष्ट, हयात सिंह, धनीराम, भीम सैन, खीम सिंह अधिकारी, गोपाल नेगी, दीपक अधिकारी, रमेश राम,तरुण जोशी, राजू जोशी, दिगम्बर,आनंद, जगदीश, मान्धाता सिंह, किशन बिष्ट मौजूद रहे।
