नैनीताल: सबसे ऊंची पहाड़ी चाइना पीक में भूस्खलन
भूस्खलन से तलहटी में रहने वाले लोगों में डर का माहौल
नैनीताल, अमृत विचार। नैनीताल में बीते दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते शहर की सबसे ऊंची पहाड़ी चाइना पीक में एक बार फिर भूस्खलन हुआ है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया बारिश के बात चाइना पीक के ऊपरी छोर वाली पहाड़ी में बड़ा भूस्खलन हुआ जिसके बाद पहाड़ी से मलबा और पत्थर लुढ़क कर नैनीताल पंगूट मार्ग पर आ गिरे। वहीं पहाड़ी में हो रहे भूस्खलन से अब चाइना पीक की तलहटी में रहने वाले लोगों में डर का माहौल है।
क्षेत्रीय निवासी बिशन सिंह बताते हैं समय-समय पर चाइना पीक की पहाड़ी से बरसात के दौरान और बरसात के बाद धूप खिलने पर भूस्खलन होता है। पहाड़ी से गिरने वाला मलवा आबादी क्षेत्र तक पहुंचता है। लिहाजा प्रशासन को इस तरफ ध्यान देने की आवश्यकता है। राज्य सरकार को पहाड़ी में हो रहे भूस्खलन को रोकने और नैनीताल के अस्तित्व को कायम रखने के लिए चाइना पीक की पहाड़ी में हो रहे भूस्खलन को बचाने के लिए विस्तृत कार्य योजना बनाने की आवश्यकता है।
नैनीताल चाइना पीक की पहाड़ी में 1880 के दशक से लगातार बड़ा भूस्खलन हो रहा है, 18 सितंबर 1888 को चाइना पीक की पहाड़ी में हुए विनाशकारी भूस्खलन में 150 से अधिक भारतीय और ब्रिटिश नागरिकों कि मौत हो गई, जिसके बाद से लगातार समय-समय पर पहाड़ी से भूस्खलन हो रहा, लेकिन अब तक पहाड़ी ट्रीटमेंट के लिए अब तक कोई बड़ी कार्य योजना नहीं बनी और ना ही पहाड़ी के ट्रीटमेंट के लिए अब तक कोई कार्य किए गए जिसके चलते लगातार समय-समय पर चाइना पीक की पहाड़ी पर पड़ा भूस्खलन हो रहा है। जिससे पहाड़ी की तलहटी पर रहने वाले लोगों की जान पर खतरा मंडरा रहा है।
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