नैनीताल: काठगोदाम से नैनीताल तक बनने वाले रोप-वे का सर्वे पूरा
रानीबाग स्थित एचएमटी भवन में बनेगा रोपवे का मुख्य स्टेशन
जिलाधिकारी ने ली बैठक, 925 करोड़ की लागत से बनेगा रोप-वे
नैनीताल, अमृत विचार। नैनीताल में लगने वाले जाम से पर्यटकों और स्थानीय लोगों को निजात दिलाने के लिए जल्द ही रोप-वे का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। रोपवे निर्माण को लेकर जिलाधिकारी वंदना सिंह ने सोमवार को नैनीताल जिलाधिकारी कार्यालय सभागार में एनएचएआई, कुमाऊं मंडल, जिला प्रशासन समेत संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर रूपों के निर्माण में आ रही अड़चनों को दूर किए जाने पर चर्चा की।
बैठक के दौरान एनएचएआई के अधिकारियों ने काठगोदाम से नैनीताल तक बनने वाले रोपवे के प्राथमिक सर्वे रिपोर्ट यानी प्री विजिबिलिटी रिपोर्ट जिलाधिकारी के सामने पेश की। इस दौरान एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि 11 किलोमीटर लंबे रोपवे निर्माण के लिए भौतिक सर्वे पूर्ण कर लिया गया है।
इसमें रानीबाग स्थित एचएमटी भवन में रोपवे का मुख्य स्टेशन बनाया जाएगा। इसके बाद आम पड़ाव, ज्योलिकोट में सब स्टेशन का निर्माण किया जाएगा। जबकि नैनीताल के हनुमानगढ़ क्षेत्र में दूसरा मुख्य स्टेशन बनाया जाएगा। जहां से पर्यटक नैनीताल शहर के अंदर प्रवेश कर सकेंगे। इस दौरान एनएचएआई के विकास मित्तल ने बताया कि रोपवे निर्माण के लिए डीपीआर निर्माण के टेंडर जारी कर दिए गए हैं।
जुलाई माह तक डीपीआर निर्माण का कार्य पूर्ण कर दिया जाएगा। दिसंबर माह से रोपवे निर्माण की कवायद प्रारंभ की जाएगी। 2027 तक रोपवे निर्माण का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि रोपवे निर्माण के दौरान काठगोदाम से लेकर नैनीताल तक करीब तीन दर्जन से अधिक स्थानों पर विद्युत लाइनों और पोलों को विस्थापित किए जाने की आवश्यकता है।
बैठक के दौरान एसडीएम राहुल शाह, जीएम कुमाऊं मंडल विकास निगम एबी वाजपेई, अधिशासी अधिकारी आलोक उनियाल, होटल एसोसिएशन अध्यक्ष दिग्विजय बिष्ट, सचिव वेद शाह, व्यापार मंडल अध्यक्ष मारुति नंदन साह, नवनीत पाठक, रितेश गुप्ता, सोनू गुप्ता, डीएस कपकोटी, आर के रावत, नंद किशोर मौजूद रहे।
रोप-वे निर्माण में वन भूमि हस्तांतरण बना अड़ंगा
भले ही केंद्र और राज्य सरकार ने काठगोदाम से लेकर नैनीताल तक रोप-वे निर्माण को लेकर अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हो लेकिन रानीबाग और ज्योलीकोट क्षेत्र में रोप-वे स्टेशन बनाए जाने को लेकर वन भूमि हस्तांतरित नहीं हुई है। जो रोपवे निर्माण के मामले पर बड़ा अड़ंगा साबित हो रही है। एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि करीब 60 नाली भूमि रानीबाग ज्योलीकोट स्थानों पर वन विभाग से हस्तांतरित होनी है।
सर्वे रिपोर्ट बनाने में एजेंसी ने केवल कागज किए काले
बैठक के दौरान रोपवे के निर्माण को लेकर कई मामलों पर विभागीय अधिकारी जिलाधिकारी को संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि अधिकारियों और सर्वे रिपोर्ट तैयार करने वाली एजेंसी ने रिपोर्ट बनाने के नाम पर केवल कागज काले किए हैं।
