अब ईवी, फ्यूचर टेक्नोलॉजी की ट्रेनिंग पर होगा जोर: ASDC
ऑटोमोटिव स्किल्स डेवलपमेंट काउंसिल (एएसडीसी) ने रोबोटिक्स और ऑटोमेशन, इंडस्ट्री 4.0, इलेक्ट्रिक वाहन एवं वैकल्पिक ईंधन प्रौद्योगिकी, ऑटोमोटिव स्थिरता और सुरक्षा के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किए हैं।
स्किलिंग द फ्यूचर थीम पर यहां आयोजित एएसडीसी पार्टनर फोरम 2023 में वीईसीवी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी और एएसडीसी के अध्यक्ष विनोद अग्रवाल ने कहा कि इन क्षेत्रों में युवाओं के कौशल प्रशिक्षण पर जोर दिया जाएगा।
इस कार्यक्रम में भारी उद्योग मंत्रालय के संयुक्त सचिव (ऑटोमोबाइल) डॉ हनीफ कुरैशी बतौर मुख्य अतिथि थे। इस मौके पर एएसडीसी ने संकल्प स्कीम के अधीन ‘ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स’ और 23 नये कोर्सेज को लेकर एक रिपोर्ट जारी की। इस कार्यक्रम में 250 से अधिक इंडस्ट्री पार्टनर, अधिकारी, पॉलिसी मेकर्स आदि शामिल हुए।
इस कार्यक्रम में कौशल की गुणवत्ता, चुनौती और महत्व को लेकर तीन विषय पर अलग-अलग सत्र आयोजित किए गए, जिसमें इंडस्ट्री पार्टनर ने अपनी राय रखी। डॉ कुरैशी ने बतौर मुख्य अतिथि लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि ऑटोमोबाइल क्षेत्र में कुशल लोगों के लिए बहुत सारे अवसर हैं। इस क्षेत्र में बहुत काम किया जा रहा है, लेकिन और करने की जरूरत है। नयी तकनीक के साथ उस क्षेत्र में कौशल प्रशिक्षण देना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की ओर से ऑटोमोटिव इंडस्ट्री के लिए कई तरह की स्कीम जैसे पीएलआई एसीसी, एलआईआई ऑटो और फेम-2 चलाई जा रही है, जिसका मकसद इन मदद के जरिये इंडस्ट्री को वर्ल्ड मार्केट लीडर बनाना है।इस कार्यक्रम में भारी उद्योग मंत्रालय के संयुक्त सचिव (ऑटोमोबाइल) डॉ हनीफ कुरैशी बतौर मुख्य अतिथि थे। इस मौके पर एएसडीसी ने संकल्प स्कीम के अधीन ‘ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स’ और 23 नये कोर्सेज को लेकर एक रिपोर्ट जारी की। इस कार्यक्रम में 250 से अधिक इंडस्ट्री पार्टनर, अधिकारी, पॉलिसी मेकर्स आदि शामिल हुए।
इस कार्यक्रम में कौशल की गुणवत्ता, चुनौती और महत्व को लेकर तीन विषय पर अलग-अलग सत्र आयोजित किए गए, जिसमें इंडस्ट्री पार्टनर ने अपनी राय रखी। डॉ कुरैशी ने बतौर मुख्य अतिथि लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि ऑटोमोबाइल क्षेत्र में कुशल लोगों के लिए बहुत सारे अवसर हैं। इस क्षेत्र में बहुत काम किया जा रहा है, लेकिन और करने की जरूरत है। नयी तकनीक के साथ उस क्षेत्र में कौशल प्रशिक्षण देना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की ओर से ऑटोमोटिव इंडस्ट्री के लिए कई तरह की स्कीम जैसे पीएलआई एसीसी, एलआईआई ऑटो और फेम-2 चलाई जा रही है, जिसका मकसद इन मदद के जरिये इंडस्ट्री को वर्ल्ड मार्केट लीडर बनाना है।
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