13 किलोमीटर के निर्माणाधीन रामपथ पर बने 24 डेंजर प्वाइंट, अयोध्या से लेकर फैजाबाद तक हो रहीं हैं घटनाएं
अयोध्या,अमृत विचार। अगर आप निर्माणाधीन रामपथ पर चल रहे हैं तो संभल कर और सतर्कता से चलें। आपकी जरा सी लापरवाही या चूक आपकी और परिवार के लिए भारी पड़ सकती है। रामपथ के निर्माण के दौरान बरती जा रही हद दर्जे की लापरवाही से 13 किलोमीटर के रामपथ पर 24 से अधिक डेंजर प्वाइंट बन चुके हैं। अयोध्या से लेकर जुड़वा शहर फैजाबाद तक रोजाना हो रहे हादसे इसके प्रत्यक्ष गवाह हैं। स्थिति यह है कि पूरे रामपथ पर लोगों को सतर्कता बरतने के कोई इंतजाम ही नहीं किए गए हैं।
गुरुवार को अयोध्या में एक कांवड़िए के डक्ट में पैर जाने से अंडरग्राउंड केबल कटी होने के कारण मौत के बाद व्यवस्था के दावों पर सवाल खड़े हो गए हैं। जबकि इससे पहले भी एक युवक की मौत जेसीबी की चपेट में आकर हो चुकी है और अब तक कई घायल हो चुके हैं। इधर बरसात के कारण रामपथ के हालात और भी भयावह और खतरनाक हो गए हैं। रामपथ का निर्माण सहादतगंज से लेकर अयोध्या नयाघाट तक चौड़ीकरण के तहत किया जा रहा है।
फरवरी में इस पर खोदाई का काम शुरू हुआ जो जुलाई आते - आते 40 फीसदी भी नहीं पूरा हो सका है। निर्माण एजेंसी द्वारा अब तक 30 से अधिक स्थानों पर डक्ट का निर्माण किया गया है। वर्तमान में डक्ट पैक करने का काम चल रहा है। रिकाबगंज नियावां और नहरबाग तक कुछ डक्ट पैक भी किए जा चुके हैं। हालांकि अभी उन्हें पाटा नहीं गया है जिसके कारण खतरा बढ़ गया है।

बताया जाता है कि 13 किलोमीटर के निर्माणाधीन रामपथ पर करीब 24 स्थान ऐसे हैं जहां लगातार खतरा बना हुआ है। हालांकि एजेंसी और प्रशासन की ओर से इन्हें कोई डेंजर प्वाइंट का दर्जा नहीं दिया गया है लेकिन लोगों के मुताबिक अब यह डेंजर प्वाइंट ही हैं। सहादतगंज से विकास भवन तक चार स्थानों कमिश्नर कार्यालय, दूरदर्शन चौराहा, विकास भवन के समक्ष डक्ट पैक कर खुले छोड़ दिए गए हैं।
इसी तरह रिकाबगंज चौराहा से नियावां चौराहे तक बैंक आफ बड़ौदा, मीट मंडी, आर्य कन्या गली तक यही स्थिति है। नियावां चौराहे से आगे वी मार्ट तक छह डक्ट और खोदे गए खुले गड्डे खतरा बने हुए हैं। नहरबाग से गुदड़ीबाजार चौराहे तक आवास विकास कालोनी का क्षेत्र भी डेंजर जोन बन चुका है। इसके लिए गुदड़ीबाजार से खवासपुरा, सीतापुर आंख अस्पताल तिराहा, एसएसवी स्कूल गली, साहबदीन सीताराम स्कूल और एलआईसी कार्यालय तक इसी दायरे में आ रहा है।
उदया चौराहे से टेढ़ीबाजार और हनुमानगढ़ी 9चौराहे से नयाघाट तक अस्त व्यस्त खोदाई और बिना पैक किए गए डक्ट खतरा बने हुए हैं। अब तक कई हादसों के बाद भी जिम्मेदार नहीं जाग रहे हैं। जबकि अगर मूसलाधार बारिश हुई तो स्थिति और भयावह होगी। निर्माण एजेंसी आर एंड सी के इंजीनियर प्रदीप शुक्ला का कहना है कि डक्ट तेजी से पैक किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को सतर्क करने के लिए चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं।
हल्की बारिश से रामपथ फिर कीचड़ से हुआ लथपथ
गुरुवार सुबह हुई हल्की बारिश ने निर्माणाधीन रामपथ को फिर कीचड़ से लथपथ कर दिया है। सबसे अधिक खराब हालात नियावां से लेकर उदया चौराहे तक हैं। पूरे मार्ग पर जबरदस्त कीचड़ और जलभराव से लोगों का आवागमन दुरूह है। कोई वैकल्पिक मार्ग न होने के कारण लोग इसी कीचड़ से लथपथ रामपथ पर गिरते - पड़ते चलने के लिए मजबूर हैं। कीचड़ और बलुई मिट्टी के चलते कई जगह दलदल हो गया है। जिसमें फंस बाइक सवार चोटिल हो रहे हैं। स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को बड़ी तकलीफ झेलनी पड़ रही है।
यह भी पढ़ें:-संतकबीर नगर: आकाशीय बिजली गिरने से किशोर की मौत, घर में मचा कोहराम
