बरेली: बढ़ाएंगे आय..! 78 वार्डों का सर्वे पूरा मगर नोटिस नहीं बंटे
बरेली, अमृत विचार। वित्तीय वर्ष के बाकी बचे 250 दिनों में नगर निगम को 144 करोड़ रुपये के टैक्स की वसूली करनी है। नगर निगम ने इतनी वसूल कर ली तो नगर निगम की वित्तीय हालत सुधर सकती है लेकिन इसे मुश्किल माना जा रहा है। वैसे मेयर उमेश गौतम ने जीआईएस सर्वे में छूटी संपत्तियों के टैक्स के दायरे में आने से नगर निगम की आय बढ़ने की उम्मीद जताई है। हालांकि इस पर कोई कार्ययोजना नहीं बनी है।
मई में नगर निगम चुनाव से पहले प्रत्याशियों ने ने नो ड्यूज लेने के लिए अनुमानित तौर पर करीब एक करोड़ का टैक्स जमा किया था। इसके बाद 10 फीसदी छूट की स्कीम से छह करोड़ रुपये खाते में आए। जुलाई के बाद अगले आठ महीने में नगर निगम को 144 करोड़ रुपये वसूल करने हैं। नगर निगम में 80 हजार नई संपत्तियां रिकॉर्ड हुई हैं। इन्हें मिलाकर शहर में संपत्तियों की संख्या लगभग सवा दो लाख पहुंच जाएगा। नई संपत्तियों से टैक्स वसूली के बाद लक्ष्य पूरा होने की कुछ संभावना है।
हालांकि यह भी मुश्किल है। दरअसल जीआईएस सर्वे 78 वार्डों में पूरा होने के बाद लोगों को टैक्स बिल के साथ नोटिस भेजा जाता है ताकि उसे टैक्स बिल पर कोई आपत्ति हो तो एक महीने में उसे दुरुस्त करा ले। आपत्ति का निस्तारण संबंधित जोन में तय तिथि में होता है। कई वार्डों में नोटिस भेजे गए हैं लेकिन आपत्तियों का निस्तारण नहीं हुआ है। सिठौरा अकेला ऐसा वार्ड है जहां टैक्स बिल बंटने की शुरुआत ही नहीं हो पाई है। इस वार्ड में लगभग 4 हजार नई संपत्तियां रिकॉर्ड हुई हैं।
अगले साल लोकसभा चुनाव से प्रभावित होगी टैक्स वसूली
लोकसभा चुनाव अगले साल होने हैं। माना जा रहा है कि चुनाव का असर भी टैक्स की वसूली पर पड़ेगा। फरवरी- मार्च में आचार संहिता लगने के बाद कर्मचारी भी चुनाव कार्य में व्यस्त होंगे। पार्षद राजेश अग्रवाल बताते हैं कि वसूली प्रभावित होने से जरूरी कामों पर असर पड़ेगा।
ये भी पढे़ं- बरेली: शादी का झांसा देकर युवती के साथ करता रहा दुष्कर्म, बच्चा होने के बाद दी जान से मारने की धमकी
