रुद्रपुर: एसटीएफ-वाइल्ड लाइफ क्राइम टीम ने दबोचा बाघ का हत्यारा
रुद्रपुर, अमृत विचार। एसटीएफ और वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो की संयुक्त टीम ने बाघ की खाल बरामदगी प्रकरण के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में आरोपी ने टीम को कई अहम जानकारियां भी मुहैया कराई हैं।
सोमवार को खुलासा करते हुए सीओ एसटीएफ सुमित पांडे ने बताया कि कुमाऊं एसटीएफ, वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो दिल्ली व तराई पूर्वी वन प्रभाग हल्द्वानी की एसओजी की संयुक्त टीम ने खटीमा इलाके से चार शातिर वन्य जीव तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से प्रदेश की सबसे भारी और बड़ी बाघ की खाल बरामद की थी।
चारों आरोपी पिथौरागढ़ के धारचूला के रहने वाले थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया था कि बाघ की खाल और हड्डियां वह काशीपुर के तस्कर से लाये थे। जो कि देहरादून का रहने वाला है और बाघ का शिकार करने का शिकारी भी है। उन्होंने बताया कि जानकारी मिलने के बाद तत्काल एसटीएफ व तराई पूर्वी वन प्रभाग, हल्द्वानी की संयुक्त टीम बनाकर पोचर की तलाश शुरू कर दी गई थी।
23 जुलाई को सूचना मिली कि बाघ का शिकार करने का मुख्य आरोपी अर्जुन सिंह निवासी रिस्पना, नेहरु कालोनी देहरादून मंडी चौकी इलाके में देखा गया है। उन्होंने बताया कि सुरागरसी के बाद आरोपी को बताए स्थान से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने बड़ापुर रेंज बिजनौर के जंगल में दो माह पहले बाघ को जहर देकर मारा था और फिर उसकी खाल व हड्डियों को निकालकर छिपाकर रख दिया था।
बताया कि पकड़े गए चारों आरोपियों को खाल और हड्डियां बेचने को दी गई थी। सीओ सुमित पांडेय ने बताया कि पकड़ा गया शातिर वन्य जीव पोचर है और जानवरों का शिकार कर तस्करी करता है। जिसके खिलाफ पहले भी वाइल्ड लाइफ एक्ट के तहत कई मुकदमे पंजीकृत हैं। एसटीएफ आरोपी के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की योजना बना रही है।
