रुद्रपुर: चेक बाउंस के दोषी को एक साल कठोर कारावास की सजा
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सुनाया फैसला
वर्ष 2016 का है प्रकरण, अधिवक्ता ने रखे तर्क
रुद्रपुर, अमृत विचार। वर्ष 2016 में हुए चेक बाउंस प्रकरण में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने दोषी को एक साल कठोर कारावास और पांच लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस दौरान परिवादी के अधिवक्ता ने अदालत के सामने कई सबूत व तर्क रखे। दोनों पक्षों की जिरह सुनने के बाद न्यायालय ने अपना फैसला सुनाया।
परिवादी की अधिवक्ता अनीता सक्सेना ने बताया कि वार्ड-25 आदर्श कॉलोनी निवासी राजीव कुमार ग्रोवर और प्रीत नगर रामनगर भमरौला रुद्रपुर के रहने वाले रोहित लाल के मध्य पारिवारिक एवं घनिष्ठ मित्रता थी। बताया कि मई 2016 को दोस्त रोहित ने पारिवारिक मजबूरी बताते हुए परिवादी राजीव से 4.50 लाख रुपये की धनराशि ली थी और पांच माह में रकम वापसी का वादा किया था।
आरोप था कि पांच माह का समय बीत जाने के बाद जब याचिकाकर्ता ने रकम अदायगी की बात कही तो आरोपी टालमटोल करता रहा और जब ज्यादा तकादा किया तो आरोपी ने 10 नवंबर 2016 को पीएनबी का एक चेक दिया, जब चेक एसबीआई बैंक में लगाया तो वह बाउंस हो गया।
शिकायत करने पर आरोपी ने पुन: पारिवारिक मजबूरी बताते हुए कुछ दिन का समय मांगा और 12 जनवरी 2017 को एक और चेक दिया। जो कि पुन: बाउंस हो गया और आरोपी परिवादी को धमकियां देना लगा। जिसके बाद परिवादी की तहरीर पर पुलिस ने 17 मार्च 2017 को वाद दायर कर दिया।
मामले की सुनवाई अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नाजिम कलीम की अदालत में शुरू हुई। इस दौरान परिवादी की अधिवक्ता अनीता और आरोपी पक्ष के अधिवक्ताओं ने अदालत के सामने अपने-अपने तर्क और साक्ष्य रखे। दोनों पक्षों की जिरह सुनने के बाद अदालत ने आरोपी रोहित लाल को एक साल कठोर कारावास और 5 लाख रुपये का अर्थदंड देने की सजा सुनाई। साथ ही 4.80 लाख रुपये याचिकाकर्ता को वापस करने का आदेश दिया।
