बरेली: कलेक्ट्रेट और तहसीलों में बाहरी व्यक्ति नहीं संभाल रहे संवेदनशील फाइलें
प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद ने डीएम को जांच कराकर रिपोर्ट भेजने के दिए निर्देश
बरेली, अमृत विचार। लखनऊ के सरोजनी नगर तहसील में संवेदनशील फाइलों को बाहरी व्यक्ति के संभालने के मामले को मुख्यमंत्री कार्यालय ने गंभीरता से लिया है। प्रमुख सचिव (गृह) संजय प्रसाद ने बरेली, बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर समेत सभी जिलों के जिलाधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है कि जांच कर बताएं कि उनके जिले में तो कोई बाहरी व्यक्ति संवेदनशील फाइलों को नहीं संभाल रहा है। जांच में कोई बाहरी व्यक्ति ऐसा करते पाया जाए तो तत्काल उसे बाहर करते हुए प्रकरण से अवगत कराएं।
प्रमुख सचिव गृह की 21 जुलाई को जारी हुई चिट्ठी कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद मामले की जांच अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को दी गई है। सरोजनी नगर तहसील जैसा मामला कलेक्ट्रेट में लंबे समय से चल रहा है। कलेक्ट्रेट में एक बाहरी व्यक्ति बरसों से एक महत्वपूर्ण अनुभाग की संवेदनशील फाइलों का रखरखाव कर रहा है। वह एक सरकारी कर्मचारी की तरह सुबह 10 बजे कलेक्ट्रेट आकर शाम 6 बजे के बाद अपने घर को जाते हैं। वरिष्ठ अधिकारियों की जानकारी में होने के बाद भी हर कोई अनजान बना हुआ है। प्रमुख सचिव गृह की चिट्ठी आने के बाद उस व्यक्ति को लेकर कलेक्ट्रेट के कई बाबुओं के बीच चर्चा चल रही है।
तहसील सदर में लेखपालों ने रख लिए हैं प्राइवेट मुंशी
तहसील सदर में तमाम लेखपाल प्राइवेट मुंशी को नौकरी पर रखकर अपना काम करा रहे हैं। वह मुंशी संवेदनशील फाइलें भी इधर-उधर ले जाने का काम करते हैं। कई बार शिकायतें संपूर्ण समाधान दिवस में भी पहुंचीं लेकिन किसी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। जुलाई के पहले संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायतकर्ता पीडब्ल्यूडी कालोनी निवासी राममोहन शर्मा ने लिखित शिकायत के साथ मुंशी के बैठे हाेने का फोटो भी अधिकारियों को दिया था। तब नायब तहसीलदार को प्रकरण की जांच सौंपी गई लेकिन कार्रवाई किसी पर नहीं हुई। पूर्व में एसडीएम रहे विशु राजा ने कई लेखपालों के पास से प्राइवेट मुंशियों की धरपकड़ की थी। कड़ी चेतावनी देकर छोड़ा था।
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