सुप्रीम कोर्ट ने धन शोधन मामले में प्रीति चंद्रा को मिली जमानत में हस्तक्षेप से किया इंकार 

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Edited By Amrit Vichar
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नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को धन शोधन मामले में यूनीटेक प्रवर्तक संजय चंद्रा की पत्नी प्रीति चंद्रा को उच्च न्यायालय के जमानत मिलने संबंधी आदेश में हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया है। प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ ने ध्यान दिलाया की प्रीति चंद्रा 620 अधिक दिनों से हिरासत में है। इस पीठ में न्यायाधीश जे बी पर्दीवाला और मनोज मिश्र भी शामिल थे। 

पीठ ने कहा,'' विवेकाधीन शक्ति के तहत, उच्च न्यायालय इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि प्रतिवादी (प्रीति चंद्रा) को जमानत पर रिहा किया जाना चाहिए। हम इस आदेश में संविधान के अनुच्छेद 136 के तहत हस्तक्षेप नहीं कर रहे हैं।'' उच्चतम न्यायालय ने निर्देश दिया है कि वह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) से बाहर नहीं जा सकती हैं और हर दो सप्ताह में एक बार जांच अधिकारी के पास उपस्थित होंगी। 

उच्चतम न्यायालय ने यह आदेश प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) की याचिका पर दिया है जिसमें उच्च न्यायालय द्वारा 14 जून को दिए गए आदेश को चुनौती दी गयी थी। उच्चतम न्यायालय ने 16 जून को उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगा दी थी और जमानत को चुनौती देने वाली ईडी की याचिका पर प्रीति चंद्रा को नोटिस जारी किया था। 

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