एमबीपीजी: कंप्यूटर साइंस विभाग में पर्याप्त कंप्यूटर नहीं
जो कंप्यूटर प्रशासन को दिए वे भी नहीं मिले
सीएस में 44 सीटों पर इस बार 379 आवेदन
हल्द्वानी, अमृत विचार। एमबीपीजी कॉलेज के कंप्यूटर साइंस विभाग में विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त कंप्यूटर नहीं हैं। कोविड काल में महाविद्यालय से 10 कंप्यूटर प्रशासन की टीम को दिए गए थे, जो अब तक नहीं मिल पाए हैं। कॉलेज प्रशासन कई बार जिला प्रशासन को इस बारे में अवगत करा चुका है, लेकिन कंप्यूटर आज तक नहीं मिल पाए हैं।
सीएस में यूजी में 44 और पीजी में 22 सीटें हैं। मानक के अनुसार एक विद्यार्थी के लिए एक कंप्यूटर होना चाहिए। मगर यहां मात्र 20 कंप्यूटर हैं, जिनमें हर सत्र में करीब 300 विद्यार्थी प्रशिक्षण लेते हैं। कंप्यूटर साइंस में हमेशा सीटें भरी रहती हैं। इस बार स्नातक प्रथम सेमेस्टर में कंप्यूटर साइंस के लिए 379 छात्र-छात्राओं ने आवेदन किया है।
सीटें भर जाने के कारण सैकड़ों विद्यार्थियों को प्रवेश नहीं मिलेगा। कोर्स की इतनी डिमांड होने के बावजूद कंप्यूटरों का अभाव बना हुआ है। इसका प्रभाव शिक्षण व्यवस्था पर भी पड़ रहा है। कॉलेज प्रशासन के अनुसार कोविड कॉल में 10 कंप्यूटर प्रशासन की टीम को दिए गए, जो कोविड से संबंधित कार्य कर रहे थे। इन कंप्यूटरों को वापस दिलाने के लिए प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है। मगर यह आजतक नहीं मिल पाए हैं।
तकनीक के दौर में कंप्यूटर साइंस पढ़ने वाले विद्यार्थियों की कमी नहीं है। हर कोई कंप्यूटर साइंस में तकनीकी तौर पर दक्ष होना चाहता है। मगर प्रैक्टिकल के लिए कंप्यूटर न मिलने से विद्यार्थियों का प्रशिक्षण प्रभावित हो रहा है। विभागाध्यक्ष डॉ. शेखर कुमार ने बताया कि कंप्यूटर साइंस में सीटें भर चुकी हैं।
हर वर्ष सीएस में निर्धारित सीटों से अधिक प्रवेश की डिमांड रहती है। इस बार बहुतायत संख्या में समर्थ पोर्टल पर सीएस के लिए आवेदन किए गए हैं। उन्होंने बताया कि कोविड काल से 10 कंप्यूटर अबतक वापस नहीं मिल पाए हैं। जबकि प्रशासन को इससे संबंधित पत्र भी दिया जा चुका है।
सीएस पढ़ाने के लिए नहीं है पूरे प्राध्यापक
एमबीपीजी कॉलेज में कंप्यूटर साइंस पढ़ाने के लिए शिक्षक पूरे नहीं है। मात्र दो प्राध्यापक यूजी और पीजी कक्षाओं में पढ़ा रहे हैं। इन प्राध्यापकों पर अतिरिक्त प्रभार पढ़ रहा है। शिक्षण व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।
सीएस लेने के लिए गणित विषय जरूरी
कंप्यूटर साइंस में प्रवेश के लिए 12 वीं में गणित विषय का होना जरूरी है। गणित के विद्यार्थियों को इसमें प्रवेश मिलता है। एमएससी सीएस करने के बाद बीएड की जरूरत भी नहीं होती है। बिना बीएड के भी शिक्षक बनने का मौका मिल जाता है।
