रुद्रपुर: लूट और हत्या के मामले में दोषियों को आजीवन कारावास की सजा

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

वर्ष 2004 में युवा व्यापारी की हुई थी निर्मम हत्या

रुद्रपुर, अमृत विचार। वर्ष 2004 में युवा व्यापारी तरुण बिंदल की हत्या कर लूटपाट किए जाने के मामले में प्रथम अपर जिला जज ने दोषियों को आजीवन कारावास और एक-एक लाख रुपये के अंर्थदंड की सजा सुनाई है। इस दौरान एडीजीसी ने अदालत के साथ 11 गवाह व फॉरेंसिक रिपोर्ट पेश की। दोनों पक्षों की जिरह सुनने के बाद अदालत ने अपना निर्णय सुनाया।

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता दीपक अरोरा ने बताया कि 21 फरवरी 2004 को गल्ला मंडी रुद्रपुर निवासी तेल कारोबारी किशन चंद्र बिंदल ने थाना बाजपुर में शिकायती पत्र देकर बताया था कि उसका छोटा बेटा तरुण बिंदल वसूली के लिए रामनगर गया था और वापसी के दौरान बाजपुर इलाके में वसूली के लिए आना था।

मगर देर रात तक वापस घर नहीं लौटा। जिसके बाद पुलिस ने तहरीर के आधार पर युवा व्यापारी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर खोजबीन शुरू कर दी। तफ़्तीश के दौरान पुलिस ने मोहित कक्कड़ उर्फ मनी निवासी भगत सिंह चौक, मोहित कक्कड़ उर्फ विक्की निवासी कच्ची खमारियां किच्छा के अलावा एक नाबालिग आरोपी को गिरफ्तार किया।

पूछताछ के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर युवा व्यापारी तरुण बिंदल का शव बरामद कर शिनाख्त की गई। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि तीनों ने मिलकर तरुण की गोली मारकर हत्या करने के बाद शव को बाजपुर दोराहे के पास ठिकाने लगा दिया और नगदी से भरा बैग और सोने की चैन लूट ली थी। जिस पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से 32-32 हजार रुपये की नगदी व चैन के साथ ही हत्या में प्रयुक्त तमंचे भी बरामद किए थे।

मामले की सुनवाई प्रथम अपर जिला जज सुशील तोमर की अदालत में शुरू हुई। जहां एडीजीसी ने अदालत के सामने ग्यारह गवाह और बैलेस्टिक रिपोर्ट पेश की। दोनों पक्षों की जिरह सुनने के बाद अदालत ने मोहित कक्कड़ उर्फ मनी और मोहित कक्कड़ उर्फ विक्की को आजीवन कारावास और एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड देने की सजा सुनाई, जबकि नाबालिग हो ने के कारण तीसरा आरोपी बरी हो गया था।


दबिश के दौरान पुलिस टीम पर की थी फायरिंग
रुद्रपुर। युवा व्यापारी तरुण बिंदल हत्याकांड के दोषियों ने दबिश के दौरान पुलिस टीम पर भी फायरिंग कर दी थी। एडीजीसी दीपक अरोरा ने बताया कि 22 फरवरी 2004 को गुमशुदगी दर्ज होने के बाद जब पुलिस तफ़्तीश में तीनों आरोपी मोहित कक्कड़ उर्फ मनी, मोहित कक्कड़ उर्फ विक्की व नाबालिग का नाम सामने आने पर जब पुलिस टीम ने उनके ठिकाने पर दबिश दी। तो तीनों ने तमंचों से पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। जिसमें कई पुलिस कर्मी बाल-बाल बच गए थे। हत्या का मुकदमा दर्ज होने के साथ ही पुलिस ने भी अपनी ओर से 307 के तहत रिपोर्ट दर्ज की थी। जो सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस पार्टी पर फायरिंग करने पर पांच- पांच साल व पांच हजार रुपये का अर्थदंड की सजा में इजाफा किया है।

शरीर व तमंचे में फंसी गोली का हुआ मिलान
रुद्रपुर। वर्ष 2004 में युवा व्यापारी तरुण बिंदल की जिस वक्त गोली मारकर हत्या की गई थी। उस वक्त हत्यारों को यह नहीं पता था कि जो गोली युवक के शरीर में धंसी है। वही गोली उनको सलाखों के पीछे पहुंचाएगी। बताया जा रहा है कि जब पुलिस ने घटनास्थल का मौका मुआयना किया तो शव के पास तमंचों के खाली कारतूस व शरीर में गोलियां धंसी हुई थी। जिसके पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद निकाल लिया गया था। जब बैलिस्टिक जांच की रिपोर्ट सामने आई, तो शरीर में धंसी गोली बरामद तमंचों से ही चलाए जाने की पुष्टि हुई। 


भाजपा कार्यकर्ता बताया जा रहा है एक दोषी
रुद्रपुर। तरुण बिंदल हत्याकांड का दोषी मोहित कक्कड़ उर्फ विक्की भाजपा का कार्यकर्ता बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि दोषी मोहित भाजपा के बड़े नेता का करीबी रिश्तेदार है अदालत द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुनाएं जाने के बाद चर्चाओं का बाजार है।

संबंधित समाचार