हल्द्वानी: क्रियाशाला में चरसी मिले और राजपुरा फाटक पर चरस बेचने वाले
हल्द्वानी, अमृत विचार। मंडलायुक्त दीपक रावत शुक्रवार को शहर और सरकारी के दफ्तरों के औचक जायजा लेने पहुंचें तो उन्होंने तमाम खामियां ही खामियां मिलीं। कहीं निर्माण में देरी थी तो कहीं अफसर ही नदारद। हैरत तो यह है उन्होंने पॉश इलाके के समीप चरस पीने वाले पकड़े और उनकी निशानदेही पर चरस बेचने वाले दबोचे हैं।
मंडलायुक्त रावत शुक्रवार को अचानक वॉकवे मॉल के समीप निर्माणाधीन टेढ़ी पुलिया का जायजा लेने पहुंचे। समय से निर्माण पूरा नहीं होने पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की और लोनिवि ईई अशोक चौधरी से 30 अगस्त तक निर्माण पूरा करने को कहा ताकि नैनीताल हाईवे डबल लेन पर ट्रैफिक शुरू किया जा सके। इस पर ईई ने बताया कि बारिश समाप्ति पर दूसरी ओर पुलिया बनाई जाएगी।
गायब मिले सहयुक्त नियोजक, किया तलब
इसके बाद उनका काफिला जज फार्म स्थित कुमाऊं संभागीय नियोजन खंड (टाउन प्लानिंग) दफ्तर पहुंचे। यहां उन्होंने कर्मचारियों की उपस्थिति पंजिका, दस्तावेजों का आदि का निरीक्षण किया। मौके पर पता चला कि सहयुक्त नियोजक हरिशंकर सिंह बिष्ट 4 अगस्त से बिना स्वीकृति के अवकाश पर हैं। वह 15 अगस्त को भी कार्यालय में नहीं आए थे। साथ ही पता चला कि जनता के आवासीय भवनों के नक्शे भी काफी समय से लंबित हैं। इस पर मंडलायुक्त ने बिष्ट का स्पष्टीकरण तलब किया है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि आवासीय नक्शा 15 दिनों में पास किया जाए तो ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
क्रियाशाला मार्ग पर मिले चरस पीने वाले
मंडलायुक्त टाउन प्लानिंग दफ्तर से बाहर निकलर क्रियाशाला रोड पर पहुंचे। यहांकुछ ई-रिक्शा चालक बैठे थे जो उन्हें देखकर घबरा गए। मामला संदिग्ध लगने पर उन्होंने सख्ती से पूछताछ की और चेकिंग तो चालकों से चरस बरामद हुई। पूछताछ में चालकों ने बताया कि वह राजपुरा में रेलवे फाटक के पास से चरस लाए हैं।
इस पर वह सीधे राजपुरा रेलवे फाटक पहुंचें जहां उन्होंने चार लोगों को पकड़ा। चारों से चरस बरामद हुई। मंडलायुक्त ने सीओ संजय गर्ब्याल को चारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। इस दौरान मुख्य नगर आयुक्त पंकज उपाध्याय, सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह, सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता संजय शुक्ला आदि मौजूद थे।
