रुद्रपुर: जगह-जगह भूमि दिखाकर बैंक को लगाया 87.72 लाख का चूना

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भूखंड बंधक बनाकर आरोपियों ने रची कुटरचना

न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने की रिपोर्ट दर्ज

रुद्रपुर, अमृत विचार। वर्ष 2015 में आरबीआई नोटिफिकेशन के बाद आईजीएल वैश्य बैंक का विलय कोटक महिंद्रा बैंक में होने के बाद फर्जीवाड़े के कई मामले सामने आने लगे हैं। बैंक के लीगल मैनेजर ने बताया कि जिस वक्त बैंक का विलय नहीं हुआ। उसी दौरान बहेड़ी के परिवार ने कई स्थानों पर अपनी भूमि होने का हवाला देकर जमीन को बंधक बनाया और कुटरचित से बैंक को लाखों का चूना लगा दिया।  

जानकारी के अनुसार काशीपुर रोड स्थित कोटक महिंद्रा बैंक शाखा के लीगन प्रबंधक भानु प्रताप सिंह ने बताया कि वर्ष 2015 को आरबीआई बैंक का नोटिफिकेशन आने के बाद आईएनजी वैश्य बैंक का कोटक में विलय कर दिया था और उसके सारे कार्य बैंक के अधीन कर दिए थे।

31 जनवरी 2014 को आईएनजी बैंक रुद्रपुर शाखा में शशिलता, पवन सिंह निवासी मोहल्ला रामलीला बहेड़ी बरेली द्वारा ग्राम उनई खालसा में 1.442, उनई मकरुआ बहेड़ी में 3.0982 हेक्टेयर और ग्राम देशनगर में 2.1274 हेक्टेयर भूमि के दस्तावेज बैंक को दिखाकर 26 लाख रुपये का कृषि भूमि ऋण लिया था और ऋण लोन के गारंटर ऋणधारक पवन सिंह का भाई मोहन सिंह बना था। 

बताया कि रजिस्टर्ड बंधकनामे का पंजीकरण उप निबंधक बहेड़ी के कार्यालय में 31 जनवरी 2014 को दर्ज की गई। जब कई माह तक किश्त और ऋण की अदायगी नहीं हुई तो विलय के बाद जब बैंक ने कृषि भूमि की पिछली फसली वर्ष की खतौनी का अवलोकन किया।

पता चला कि शशिलता, पवन सिंह व गारंटर मोहन सिंह ने ऋण को हड़पने की नीयत से कृषि ऋण का एक फर्जी एवं कूटरचित नोड्यूज सर्टिफिकेट बनाकर उसे बैंक द्वारा प्रदत्त असली नोड्यूज सर्टिफिकेट की तरह प्रयोग किया और आईएनजी वैश्य बैंक यानी कोटक महिन्द्रा बैंक के पक्ष में बंधक की गई कृषि भूमि को बंधक मुक्त करा लिया है, जबकि उस वक्त आरोपियों पर बैंक का 87.72 लाख रुपये बकाया था। बताया कि मामले की शिकायत कोतवाली पुलिस से की। मगर, कोई सुनवाई नहीं हुई। जिसके बाद बैंक के लीगल प्रबंधक भानु प्रताप सिंह ने न्यायालय का दरबाजा खटखटाया और न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। 


46.59 लाख का ऋण बकाया, रिपोर्ट दर्ज 

एक अन्य मामले में भी बहेड़ी बरेली निवासी परिवार ने शातिराना तरीके से कोटक महिंद्रा बैंक रुद्रपुर शाखा को लाखों रुपये का चूना लगाया है। कोटक महिंद्रा बैंक शाखा के लीगल प्रबंधक भानु प्रताप सिंह ने बताया कि 30 जुलाई 2014 को ग्राम गहलुईयां बहेड़ी बरेली निवासी गजराज सिंह, रामआसरे, श्याम बिहारी, मोहन देई परिवार ने 27 लाख रुपये का कृषि ऋण आईएनजी वैश्य बैंक शाखा से लिया था।

जिसमें गजराज का भाई मुकेश कुमार और टीकाराम गारंटर थे। आरोपियों ने ऋण लेने से पहले 45917 हेक्टेयर की भूमि के दस्तावेज दिखाकर बैंक को भूमि बंधक में रखी थी। जिसका रजिस्डर्ड उप निबंधक बहेड़ी द्वारा 2 अक्टूबर 2014 को दर्ज की थी। साथ ही किश्तों के माध्यम से ब्याज सहित ऋण चुकता करने का शपथ पत्र भी दिया। जब कुछ समय बाद किश्त व ऋण चुकता नहीं हुआ।

बैंक स्तर पर पड़ताल की गई तो पता चला कि आरोपियों ने पहले फर्जी कृषि ऋण के दस्तावेज तैयार किए और सांठगांठ कर नोडयूज सर्टिफिकेट प्राप्त कर बैंक में लगा दिया। जिसके बाद यह दर्शाया गया कि आरोपियों द्वारा बैक से कृषि भूमि पर ऋण नहीं लिया गया और बंधक भूमि का एक हिस्सा बरेली की पार्टी को बेच दिया।

जिस वक्त आरोपियों द्वारा फर्जी दस्तावेज तैयार कर लगाएं गए थे। उस वक्त ऋण धारक पर 46.59 लाख रुपये का बकाया हो चुका था। बैंक के लीगल मैनेजर भानु प्रताप सिंह ने बैंक के साथ फर्जीवाड़ा करने की शिकायत कोतवाली पुलिस को दी, मगर पुलिस ने शिकायती पत्र पर कोई कार्रवाई नहीं की तो बैक द्वारा न्यायालय में याचिका दायर की। जिसके बाद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की पड़ताल शुरू कर दी है। 

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