रुद्रपुर: कबूतरबाजों के जाल में फंसा युवक न्यूजीलैंड में गिरफ्तार

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Edited By Amrit Vichar
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रुद्रपुर, अमृत विचार। शहर कोतवाली इलाके में कबूतरबाजी का एक बड़ा मामला सामने आया है। कबूतरबाजों ने जहां न्यूजीलैंड भेजने के नाम पर जहां एक युवक से लाखों की ठगी कर ली वहीं फर्जी दस्तावेज के कारण युवक को न्यूजीलैंड में जेल की हवा खानी पड़ी। जमानत पर छूटने के बाद पीड़ित युवक ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।

 ग्राम मलसी रुद्रपुर निवासी बलजिंदर सिंह ने पुलिस को सौंपी तहरीर में बताया कि एक दिन बहेड़ी से उसके कुछ रिश्तेदार घर पर आए और उन्होंने बताया कि पीलीभीत में उनका एक परिचित है। जो कि विदेश भेजने का कार्य करता है। आरोप था कि रिश्तेदारों ने एबोट ओवरसीज इमीग्रेशन की तारीफ करते हुए न्यूजीलैंड भेजने का ऑफर दिया।

साथ ही तय किया कि 15 लाख रुपये में उसे व उसके रिश्तेदारी के भाईयों को न्यूजीलैंड का वर्क वीजा और पासपोर्ट मुहैया करवा देगा। बताया कि उनकी बातों पर भरोसा करते हुए बयाने के तौर पर दो लाख रुपये तत्काल दे दिए। इसके बाद एक मई को कबूतरबाजों का कॉल आया और बताया कि उसका वर्क वीजा बन गया और तत्काल खाते में दस लाख रुपये का भुगतान करें।

जिस पर 5 मई को जमीन गिरवी रखकर आठ लाख रुपये बताए खाते में डाल दिए गए। कबूतरबाजों ने आश्वासन दिया था कि एयर टिकट बुक होने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर ही वर्क वीजा, पासपोर्ट सहित अन्य दस्तावेज मिल जाएंगे। इसके लिए टिकट बुक करने के बाद पर पुन: 6 लाख रुपये की मांग हुई। उनके द्वारा 16 जून को 4 लाख रुपये का तत्काल भुगतान कर दिया गया। बाद में कबूतरबाजों ने टिकट बुक करने का 2 लाख व 1.40 लाख रुपये ट्रेवल्स का बकाया होने की बात कहते हुए चेताया कि भुगतान नहीं होने पर दस्तावेज निरस्त हो जाएंगे। जिस पर उसके द्वारा आनन फानन में 3. 40 लाख रुपये का भुगतान किया गया।

जिस पर बताया कि 4 अगस्त को एयर टिकट बुक हो गया है और जब वह 4 अगस्त को दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा। तो वहां एक अज्ञात युवक आया और दस्तावेज थमा कर गायब हो गया। इसके बाद जब वह न्यूजीलैंड पहुंचा। तो न्यूजीलैंड के इमीग्रेशन विभाग ने उसे गिरफ्तार कर फर्जी दस्तावेज बताकर जेल भेज दिया। बमुश्किल रिश्तेदारों की मदद से जमानत मिली। जमानत पर रिहा होने के बाद 8 अगस्त को पीड़ित ने 16.40 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप लगाते हुए कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।


कूटरचित तरीके से बलजिंदर बना शिकार
रुद्रपुर। बलजिंदर सिंह को कबूतर बाजों ने बेहद ही कूटरचित तरीके से अपने जाल में फंसाया। बताया जा रहा है कि अक्सर बलजिंदर न्यूजीलैंड वर्क वीजा पर जाने की बात करता रहता था। जिसकी भनक उसके पीलीभीत के रिश्तेदारों को लग चुकी थी। मगर पीड़ित यह नहीं जानता था कि उसके रिश्तेदार ही कबूतरबाजी कर सकते हैं। पहले रिश्तेदारों ने ओवरसीज के संचालन का पार्टनर बताया और खुद के रिश्तेदारों को न्यूजीलैंड भेजे जाने की बात कही। फिर 15 लाख रुपये में उसे व उसके भाइयों को भी भेजने का आश्वासन दिया था। इसके बाद शुरू हो चुका था कबूतरबाजी का खेल। जिसके चलते धीरे-धीरे युवक से लाखों रुपये ठगी की गई।


पीड़ित को झूठे मुकदमें में फंसाने की दी धमकी
रुद्रपुर। कबूतरबाजों की असलियत सामने आने के बाद जब पीड़ित युवक बलजिंदर सिंह जमानत पर रिहा होने के बाद न्यूजीलैड से आकर इंडिया पहुंचा। तो उसने सबसे पहले ओवरसीज एवं झांसे में फंसाने वाले रिश्तेदारों को कॉल किया। आरोप था कि ओवरसीज संचालक ने धमकी दी कि यदि रिपोर्ट दर्ज करवाई या फिर पैसा मांगा। तो वह अपनी पत्नी से छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज करवाकर जेल भिजवा दुंगा और जेल जाने के बाद परिवार को मरवा दुंगा। जिसके बाद पीड़ित कुछ दिन तक मानसिक अवसाद से गुजरता रहा। मगर बाद में कबूतरबाजों को सबक सिखाने का मन बनाया और रिपोर्ट दर्ज करवा दी।


न्यूजीलैंड में ओवरसीज का नहीं था कोई रिकॉर्ड
रुद्रपुर। पीड़ित युवक को यह नही पता था कि जो दस्तावेज उसे दि ल्ली एयरपोर्ट पर थमाए गए थे। वही दस्तावेज उसे जेल पहुंचा देंगे। बताया कि जैसे ही न्यूजीलैड एयरपोर्ट पर इमीग्रेशन विभाग ने वर्क वीजा और पासपोर्ट की पड़ताल की। तो पाया कि पीलीभीत स्थित ओवरसीज फर्म का न्यूजीलैंड इमीग्रेशन से कोई लेना-देना नहीं। जिस पर पीड़ित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया और तीन दिन बाद रिश्तेदार द्वारा वकील के माध्यम से तीन हजार डॉलर यानि 1.47 लाख रुपये जमा कराने के बाद ही उसे जमानत मिली।

न्यूजीलैंड भेजने के नाम पर युवक से ठगी प्रकरण को गंभीरता से लिया जाएगा। मामले की पड़ताल कर तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए संबंधित चौकी प्रभारी को आदेशित किया जा चुका है।

-विक्रम राठौर, कोतवाली प्रभारी, रुद्रपुर।

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