उत्तराखंड: मुर्गी पालन से महिलाएं हुईं सशक्त, 2500 क्रॉयलर चूजों का किया वितरण 

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Edited By Amrit Vichar
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उत्तराखंड, अमृत विचार। पशुचिकित्सालय बढ़ावे, पिथौरागढ़ की पशुचिकित्साधिकारी डा. वन्दना ने ग्रामीण महिलाओं को मुर्गीपालन की उन्नत तकनीकी को अपनाकर सशक्त बनाया। डा. वन्दना ने गांव क्वारबन  की महिलाओं कलावती देवी, मथुरा देवी, कलावती देवी, माना देवी और जयन्ती देवी को पशुपालन विभाग से मुर्गी पालन योजना के अन्तर्गत 50 यूनिट जिसमे कुल 2500 क्रॉयलर चूजों का वितरण किया गया। 

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इनके द्वारा बताए गए उन्नत तकनीकों के कारण मुर्गियों के उत्पादन तथा अण्डा उत्पादन  में वद्धि हुई तथा इनकी आर्थिक स्थिति में भी सुधार आया। मुर्गी पालन योजना के अन्तर्गत एक यूनिट में 50 चूजे दिये जाते है और ये मुर्गियां साल में 250-275 तक अंडे देती है और 16 सप्ताह  में 3 किलो तक इनका वजन बढ़ जाता है, जिसका मांस और अंडे मार्केट में बेच कर 1200 रूपए तक का हर माह फायदा उठा रही है और उनकी जीविका में सुधार में काफी सहायता मिली है। परिवार के पोषण और बच्चो की शिक्षा के काफी सुधार में मुर्गी पालन से काफी सहायता मिली है।

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