लखनऊ : एंटी करप्शन की टीम ने घूस लेते लेखपाल को रंगेहाथ दबोचा

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Edited By Amrit Vichar
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पीड़ित की शिकायत पर एंटी करप्शन टीम ने की कार्रवाई

लखनऊ, अमृत विचार। लखनऊ सदर तहसील में सोमवार को एंटी करप्शन की टीम ने एक लेखपाल को 15 हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथों दबोच लिया। सोशल मीडिया पर घटना से संबंधित वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें सड़क पर हंगामा कर रहे लेखपाल को एंटी करप्शन की टीम घसीटते हुए ले जा रही है।

रायबरेली से ट्रांसफर होकर कुछ दिन पहले ही तहसील सदर आये लेखपाल अविनाश ओझा को सोमवार दोपहर एंटी करप्शन की टीम ने एक व्यक्ति से 15 हजार रुपये लेते रंगे हाथ दबोचा। जिस व्यक्ति से लेखपाल रुपये ले रहे हैं। उसने इसकी शिकायत एंटी करप्शन के अफसरों से की थी। इसी के आधार पर टीम के सदस्यों ने शिकायतकर्ता को रुपये देने के लिए लेखपाल के पास भेजा। इस दौरान जैसे ही लेखपाल ने शिकायतकर्ता से रुपये लिये आसपास मौजूद एंटी करप्शन टीम के सदस्यों ने उसे दबोच लिया।

खुद को बेकसूर बता हंगामा करते दिखा लेखपाल

इस घटना से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें दिख रहा है कि लेखपाल बीच सड़क पर हंगामा कर रहा है और टीम उसे घसीटते हुए ले जा रही है। लेखपाल खुद को बेकसूर बताते हुए शोर मचा रहा है। इस दौरान तहसील के कई कर्मी भी आसपास मौजूद दिख रहे हैं।

केस दर्ज होने पर दी जायेगी गिरफ्तारी की जानकारी

लेखपाल की गिरफ्तारी की सूचना फैलते ही सदर तहसील के कर्मचारी भी बाहर एकत्र हो गए। अविनाश ओझा खुद को निर्दोष बताते हुए टीम के साथ न जाने पर अड़ गए। तब टीम ने बल का प्रयोग करते हुए उनके जमीन पर लेटने पर उठाकर ले गई। एंटी करप्शन टीम ने बताया कि अविनाश पर एक पीड़ित की शिकायत पर कार्रवाई की गई है। केस दर्ज होने के बाद ही गिरफ्तारी की जानकारी दी जायगी।

जानिये क्या था मामला

गोमतीनगर के खरगापुर, कौशलपुरी कॉलोनी के रहने वाले अमन त्रिपाठी ने हैसियत प्रमाण पत्र बनवाने का आवेदन किया था। सभी कागजात दुरुस्त होने के बाद भी प्रमाण-पत्र नहीं बन पा रहा था। लेखपाल अविनाश चंद्र ओझा से संपर्ककिया तो उन्होंने 15 हजार रुपये घूस मांगी। मैने इसकी शिकायत एंटी करप्शन में की थी। टीम के सदस्यों ने लेखपाल के पास जाने को कहा। मुझसे लेखपाल ने जैसे ही रुपये लिये टीम ने उसे रंगेहाथ पकड़ लिया।

लेखपाल पर की जायेगी विभागीय कार्रवाई

लेखपाल अविनाश ओझा का तबादला हाल में रायबरेली से लखनऊ हुआ था। मामले को लेकर एडीएम प्रशासन डॉ. शुभी सिंह का कहना है कि अभी एंटी करप्शन की तरफ से लेखपाल के संबंध में कोई पत्र नहीं आया है। पत्र मिलने पर लेखपाल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जायेगी।

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