मेट्रो भूमि के बदले CSA का करेगा सौंदर्यीकरण, कानपुर मेट्रो रेल कारपोरेशन के परियोजना निदेशक और कुलपति के बीच हुआ अनुबंध

कानपुर मेट्रो रेल कारपोरेशन के परियोजना निदेशक और कुलपति के बीच हुआ अनुबंध।

मेट्रो भूमि के बदले CSA का करेगा सौंदर्यीकरण, कानपुर मेट्रो रेल कारपोरेशन के परियोजना निदेशक और कुलपति के बीच हुआ अनुबंध

कानपुर मेट्रो रेल कारपोरेशन के परियोजना निदेशक और कुलपति के बीच अनुबंध हुआ। नवाबगंज प्रक्षेत्र की 36.5 एकड़ जमीन स्थाई और 12 एकड़ अस्थाई रूप से हस्तांतरित। मेट्रो भूमि के बदले सीएसए का सौंदर्यीकरण करेगा।

कानपुर, अमृत विचार। कानपुर मेट्रो रेल कॉरपोरेशन अस्थाई और स्थाई भूमि के बदले चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) का सौंदर्यीकरण करेगा। विभाग, अनुभाग, कार्यालय, आवास के साथ ही सीसी रोड, नलकूप, थ्रेशिंग फ्लोर आदि का निर्माण कराया जाएगा। वन संपदा के मूल्यांकन की धनराशि विश्वविद्यालय को दी जाएगी। इस संबंध में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आनंद कुमार सिंह और कानपुर मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के परियोजना निदेशक अरविंद कुमार सिंह के बीच अनुबंधन को लेकर करार हुआ। 

स्मार्ट सिटी के अंतर्गत कानपुर मेट्रो रेल कॉरपोरेशन सीएसए में मेट्रो यार्ड के साथ ही मेट्रो स्टेशन का निर्माण कर रहा है। यार्ड और स्टेशन के लिए कॉरपोरेशन को विश्वविद्यालय के नवाबगंज प्रक्षेत्र के फसल शोध केंद्र की भूमि की जरूरत पड़ी। मेट्रो और सीएसए के अधिकारियों के बीच बातचीत हुई। प्रक्षेत्र की 36.5 एकड़ जमीन स्थाई और 12 एकड़ अस्थाई रूप से मेट्रो को देने पर सहमति बनी।

विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ. खलील खान के मुताबिक इस जमीन से गेहूं की 42 और जौ की 33  प्रजाति विकसित की जा चुकी हैं। यहीं से 2004 में देश का पहला अर्थविद गेहूं के पद का सृजन भी हुआ । यह क्षेत्र 1904 से अद्यतन देश की हरित क्रांति के साथ ही खाद्य सुरक्षा का सहयोगी रहा है।

शुक्रवार की शाम को भूमि स्थानांतरण संबंधी अनुबंध पत्र पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आनंद कुमार सिंह, निदेशक बीज एवं प्रक्षेत्र प्रो. विजय कुमार यादव और कानपुर मेट्रो रेल कारपोरेशन के परियोजना निदेशक अरविंद कुमार सिंह के द्वारा अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर किए गए। संबंधित अभिलेख एवं अनुबंध पत्रों का आदान-प्रदान भी हुआ।

कुलपति ने मेट्रो कॉरपोरेशन के परियोजना निदेशक से आश्वासन लिया कि विश्वविद्यालय के सौंदर्यीकरण आदि में मैट्रो अपना सहयोग देती रहे। अनुबंध पत्र के अंतर्गत पीडब्ल्यूडी द्वारा चिह्नित निर्माण सूची के प्लिंथ एरिया के बराबर विश्वविद्यालय में चिह्नित भूमि पर विभाग, अनुभाग, कार्यालय एवं आवास को कानपुर मेट्रो बनाकर देगा।

प्रक्षेत्र पर अवस्थापित सीसी रोड, नलकूप, थ्रेशिंग फ्लोर और जो भी प्रभावित होंगे उन्हें भी विश्वविद्यालय को बनाएगा। परिक्षेत्र के वन संपदा का वन विभाग द्वारा मूल्यांकन कराकर मूल्यांकित धन राशि विश्वविद्यालय को देने की सहमति बनी। मेट्रो रेल के कई अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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