लखनऊ: दो दिन बाद खुली ओपीडी, हर काउंटर पर मरीजों की भीड़
शहर के सभी सरकारी अस्पतालों में दिखीं कतारें, राहत के लिए खोले गए अतिरिक्त काउंटर बुरा हाल
लखनऊ, अमृत विचार। दो दिन की छुट्टी के बाद जब मंगलवार को सरकारी अस्पतालों की ओपीडी खुली तो मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। इन दिनों डेंगू, मलेरिया व वायरल बुखार के मामले बढ़ने के कारण ओपीडी में सामान्य दिनों की अपेक्षा मरीजों की संख्या दोगुनी तक पहुंच गई। हालात यह थे कि अस्पताल के सभी काउंटरों पर मरीजों की लंबी कतार लग गई।
एक दूसरे से सटे खडे़ लोग अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। वहीं, अस्पताल प्रशासन ने अतिरिक्त काउंटर बढ़ाने के साथ ही अलग से कर्मचारियों की तैनाती कर मरीजों को लाइन से राहत दिलाने की कोशिश की। सबसे अधिक मरीज फिजीशियन केबिन के सामने नजर आए। गंभीर मरीजों को इमरजेंसी में भेज कर इलाज मुहैया कराया गया। मंगलवार को अस्पतालों में 18 हजार से अधिक मरीज पहुंचे।
हजरतगंज स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि वैसे भी अमूमन सप्ताह के पहले दिन सोमवार को सामान्य दिनों की अपेक्षा ओपीडी में अधिक भीड़ रहती है, लेकिन इस बार रविवार के बाद सोमवार को गांधी जयंती की भी छुट्टी पड़ गई। इससे मरीजों की संख्या और बढ़ गई। इस समय वायरल बुखार संबंधी मामले अस्पतालों में अधिक आ रहे हैं। इसका अंदाजा पहले से ही लगाया जा रहा था।
ओपीडी में खून का सैंपल लेने के लिए अतिरिक्त काउंटर बढ़ाए गए। बलरामपुर अस्पताल के सीएमएस डॉ. अतुल मेहरोत्रा ने बताया कि मरीजों की भीड़ देखते हुए उन्हें राहत पहुंचाने के लिए कंप्यूटर, आभा एप के अलावा मैनुअल पर्चे बनाने के लिए अतिरिक्त कर्मचारी लगाए गए।
सीएमएस ने बताया कि डॉक्टरों ने भी निर्धारित समय से अधिक समय तक मरीजों को देखा। उधर, बीकेटी स्थित राम सागर मिश्र अस्पताल की सीएमएस डॉ. पुष्पलता कनौजिया ने बताया कि सामान्य दिनों में ओपीडी 600 से 700 तक रहती है, लेकिन मंगलवार को संख्या 15,00 तक पहुंच गई। मैनुअल पर्चे बनवाकर मरीजों को राहत दिलवाई गई। वहीं केजीएमयू, डॉ राम मनोहर लोहिया सहित शहर के कई सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की भीड़ जुटी।
कुल ओपीडी
बलरामपुर अस्पताल 9356
सिविल अस्पताल 2807
राम सागर मिश्र 1500
बीआरडी अस्पताल 900
लोकबंधु अस्पताल 2600
सीएचसी-पीएचसी 1500
यहां दिखी लापरवाही, मच्छरदानी से बाहर दिखे डेंगू के मरीज
सिविल अस्पताल के डेंगू वार्ड में लापरवाही देखने को मिली। यहां बेड पर लगाई गई मच्छरदानी अलग लटक रही थी। मरीज भी खुले में बैठे थे। इससे अन्य मरीजों में भी डेंगू की बीमारी होने की आशंका है। यही हाल बच्चों के वार्ड का भी दिखा। यहां भी बेड से मच्छरदानी अलग थी। मौके पर मौजूद अस्पताल के स्टॉफ ने बताया कि मरीज व तीमारदार स्वयं लापरवाही करते हैं। बार-बार कहने के बावजूद मच्छरदानी हटा देते हैं। हालांकि सीएमएस डॉ. राजेश श्रीवास्तव का कहना है कि डेंगू के मरीजों को मच्छरदानी लगाना अनिवार्य है। यदि लापरवाही की जा रही है तो स्टॉफ से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। डेंगू प्रोटोकॉल का पालन कराया जाएगा।
सिविल के बाहर लगा रहा भीषण जाम
सिविल अस्पताल में सामान्य दिनों की अपेक्षा मंगलवार को मरीजों की संख्या अधिक थी। तीमारदारों व मरीजों का आना-जाना था। अस्पताल के बाहर वाहनों की लंबी कतार लगने से जहां निजी वाहनों से आने वाले मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी। वहीं, कई एम्बुलेंस भी जाम में फंसकर देरी से अस्पताल पहुंच सकीं। हालांकि ट्रैफिक पुलिस कर्मी यातायात को सामान्य कराने के लिए जद्दोजहद करते रहे।
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