शाहजहांपुर: दो बाबुओं के खिलाफ उतरे 48 पार्षद, पटल से हटाने की मांग
नगर निगम के बाबुओं पर लगाया दुर्व्यवहार का आरोप
शाहजहांपुर, अमृत विचार। नगर निगम के दो बाबुओं पर दुर्व्यवहार और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए 48 पार्षदों ने हटाने की मांग की है। नगर आयुक्त को चेतावनी पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। पार्षदों ने कहा अगर इसके बाद भी बाबू नहीं हटेंगे तो बोर्ड बैठक में प्रस्ताव लाकर हटवाया जाएगा।
बुधवार को नगर निगम पहुंचे पार्षदों ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लेकर वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना सहित सभी भाजपा नेता संस्थाओं को भ्रष्टाचार से मुक्त करना चाहता हैं। इसके लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। इसके बाद भी नगर निगम शाहजहांपुर के तमाम अधिकारी और बाबू भ्रष्टाचार में लिप्त हैं।
भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर बीते दिनों उन्होंने दूसरी बोर्ड बैठक का बहिष्कार कर दिया था। इसके बाद भी अभी तक न तो अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है और ही कोई कर्मचारी हटाया गया है। पार्षदों ने कहा कि पहले चरण में दो बाबुओं के खिलाफ कार्रवाई करवाई जाएगी। इसके बाद भी अगर अन्य अधिकारी व कर्मचारी नहीं सुधरेंगे तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई कराई जाएगी।
पार्षदों ने कहा कि निगम में एक बाबू एक पटल पर तीन साल से ज्यादा समय तक नहीं रह सकता है। इसके बाद भी दो बाबू ऐसे हैं जो सालों से एक ही पटल पर जमे हुए हैं। यह भ्रष्टाचार में भी लिप्त हैं। आरोपी बाबू पार्षदों के साथ दुर्व्यवहार भी करते हैं। पार्षदों ने 48 पार्षदों की सहमति के आधार पर बाबुओं को हटाने की मांग की।
उन्होंने 48 बाबुओं के हस्ताक्षर वाला पत्र भी नगर आयुक्त को सौंपा। जिसमें बाबुओं को हटाने की मांग की गई। पार्षदों ने कहा है कि अगर इसके बाद भी बाबू नहीं हटे तो वह बोर्ड बैठक में प्रस्ताव लाकर बाबुओं को हटवाएंगे। चेतावनी पत्र पर पार्षद अनूप गुप्ता, प्रतीक्षा गुप्ता, प्रवीण सक्सेना, सिद्धार्थ शुक्ला, सुधीर गुप्ता, जितेंद्र सिंह, विजय बहादुर वर्मा, सीमा मौर्य, अनुज कुमार दीक्षित, नवनीत, फातिमा बी, मुख्तार अहमद, शब्बन अली, निर्मला देवी, विपिन यादव, मोहम्मद जीशान, मैनाज, मोहसिन सहित 48 पार्षदों के हस्ताक्षर हैं।
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