देहरादून: बाल संरक्षण आयोग ने हल्द्वानी में दृष्टिबाधित बच्ची से यौन शोषण मामले की मांगी विस्तृत रिपोर्ट

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Edited By Amrit Vichar
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देहरादून, अमृत विचार। उत्तराखंड बाल संरक्षण आयोग ने हल्द्वानी में दृष्टिबाधित बच्ची से यौन शोषण के आरोप के मामले की पुलिस से रिपोर्ट तलब की है। आयोग की अध्यक्ष डा. गीता खन्ना ने कहा, एसएसपी नैनीताल को प्रकरण की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट भेजने का आदेश दिया गया है।कहा, राज्य में स्कूल और अस्पतालों को किस तरह के लोग खोल रहे हैं, सरकार को इसकी जांच करानी चाहिए। 

विजिलेंस से जांच के बाद ही इन्हें खोलने की अनुमति दी जानी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा। यही वजह है कि जिसकी मर्जी, वे कुछ शुल्क जमा कर स्कूल और अस्पताल खोल रहे हैं। इसके लिए एनओसी देने से पहले जांच कराकर यह देखा जाना चाहिए कि कही यह लोग आपराधिक प्रवृत्ति के तो नहीं हैं। आयोग का तो यह तक मानना है कि इसके लिए मनोवैज्ञानिक जांच भी हो।

आपको बता दें कि नैशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड (नैब) के 60 साल के संचालक श्याम धानक को शुक्रवार शाम उसके आवास से गिरफ्तार किया गया था। संस्थान में रहने वाली कुछ नाबालिग लड़कियों ने धानक के खिलाफ अपनी शिकायत किसी तरह से नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तक पहुंचाई थी, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को जांच करने के निर्देश दिए।

आरोपों के सही पाए जाने के बाद धानक को गिरफ्तार किया गया। जांच में पता चला कि उसने बच्चियों से यह बात किसी को नहीं बताने को कहा था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि कथित यौन शोषण का विरोध करने पर मासूमों के साथ मारपीट की जाती थी और उन्हें खाना भी नहीं दिया जाता था। पुलिस सूत्रों से यह भी पता चला है कि बच्चियों के पास मोबाइल फोन या संचार का कोई अन्य साधन नहीं रहता था, इसलिए वहां की बालिकाओं ने किसी तरह से किसी व्यक्ति के माध्यम से जुलाई में एक पत्र पुलिस को भिजवाया।

पत्र मिलने के बाद पुलिस ने एक-डेढ़ महीने तक मामले की जांच की और आरोपों को सही पाए जाने के बाद धानक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उन्होंने बताया कि धानक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 376, 504, 354 और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। नैब में वर्तमान में 113 छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं।

पुलिस के अनुसार, मामले में संस्थान के अन्य बच्चों से भी पूछताछ की जा रही है और उनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस ने पीड़ित नाबालिग की मेडिकल जांच कराने के बाद धारा 164 के तहत उसके बयान दर्ज कर लिए हैं। पुलिस ने बताया कि धानक को शनिवार को पॉक्सो अदालत में पेश किया गया, जिसने उसे जेल भेज दिया।

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