कालाढूंगी: चकलुवा में हाथियों ने दिनदहाड़े रौंदी गन्ने की फसल 

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Edited By Amrit Vichar
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कालाढूंगी, अमृत विचार। चकलुवा क्षेत्र में हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है। रामनगर वन प्रभाग के गदगदिया रेंज से सटे सूरपुर, विजयपुर, नरीपुरा में हाथियों ने बीते कई दिनों से आंतक मचा रखा है। विजयपुर चकलुवा में ग्राम प्रधान के खेत में गन्ने की जमकर दावत उड़ाई। वन विभाग व ग्रामीणों ने चार घंटे कड़ी मशक्कत कर उन्हें जंगल में खदेड़ा। 

मंगलवार को विजयपुर चकलुवा के ग्राम प्रधान सर्वजीत कौर के गन्ने में खेत में सुबह हाथियों को देख ग्रामीण ने उन्हें सूचना दी। जिस पर प्रधान पति ने वन विभाग को सूचना दी। वनकर्मियों व ग्रामीणों ने कई बार गांधी बंदूक से फायर, कनस्तर पीटकर तथा टैक्टर का साइलेंसर निकाल कर उन्हें भगाने की कोशिश की।

मगर दो टस्कर हाथी गन्ने में ही इधर-उधर जाते रहे और गन्ना की दावत उड़ाते रहे। जिस पर वन क्षेत्राधिकारी आनंद कुमार अतिरिक्त फोर्स मौके पर पहुंची। हाथियों की सूचना होने पर मौके पर ग्रामीणों की भीड़ भी जुट गई। चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद हाथी गन्ने से निकलकर जंगल की ओर भाग गये।

हाथियों ने कई ग्रामीणों के लीची के पेड़ भी तोड़ दिये। प्रधान पति सर्वजीत सिंह व क्षेपंस तारा चंद्र ने बताया कि हाथियों का आतंक इतना बढ़ गया है कि रात को चौकीदारी करने पर हाथी उन पर हमला करने की कोशिश कर रहे हैं। जिससे जानमाल का भी खतरा बना हुआ है। वन क्षेत्राधिकारी आनंद कुमार ने बताया कि नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर विभाग को भेजा जायेगा व वनकर्मियों द्वारा रात्रि गश्त की जा रही है।

गन्ने की ऐसी मिठास की  हाथी खाने में मस्त
कालाढूंगी। गन्ना हाथियों का प्रिय भोजन है। विजयपुर में प्रधान सर्वजीत कौर के खेत में हाथियों को गन्ने की मिठास ऐसी भायी कि ग्रामीणों के शोर मचाने, टैक्टर व कनस्तर व शंख बजाने के बाद भी हाथी मस्ती से गन्ना खाने में मगन रहे। हाथियों को भगाने में वन कर्मियों के पसीने छूट गये। हाथियों को देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी।

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