बरेली: बजट का अभाव...सीसीटीवी कैमरों से लैस नहीं हो सकी ग्राम पंचायतें, जिला पंचायती राज विभाग इंतजार
जिला पंचायती राज विभाग को 15 वें वित्त आयोग के तहत बजट का इंतजार
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अनुपम सिंह, बरेली। जिले में आपराधिक वारदातों में कमी लाने की मंशा से सभी ग्राम पंचायतों को सीसीटीवी कैमरे लगाने की कवायद ठंडी पड़ी है। बजट के अभाव में ग्राम पंचायतें तीसरी आंख के पहरे से दूर हैं। 15वें वित्त आयोग के तहत बजट जारी होने का इंतजार किया जा रहा है।
दरअसल, ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत जिले की सभी 1188 ग्राम पंचायतों में सार्वजनिक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं। एकीकृत कमांड एवं कंट्रोल रूम सिस्टम से कैमरे कनेक्ट होंगे। इससे पुलिस की निगरानी का भी दायरा बढ़ेगा। कैमरे ग्राम पंचायत की निधि से लगने हैं, लेकिन बजट नहीं होने की वजह यह प्रक्रिया अभी रुकी है।
ग्राम पंचायतों में लगने वाले कैमरे उच्च क्वालिटी के होंगे, जिससे किसी भी वारदात के बाद घटनाक्रम के बारे में जानकारी जुटाने के लिए फुटेज मददगार बन सके। यह व्यवस्था सबसे पहले पायलट प्रोजेक्ट के तहत गोरखपुर में शुरू की गई थी। इसके सकारात्मक परिणाम आने के बाद अब जिला पंचायत राज विभाग सभी जगह इसे लागू कर रहा है।
गांवों को स्मार्ट श्रेणी में लाने की कोशिश
अभी पब्लिक एड्रेस सिस्टम ग्राम पंचायतों में नहीं है। ऐसे में एड्रेस सिस्टम भी लगाए जाएंगे। स्वच्छता और महिला सुरक्षा के प्रति जागरूकता लाने के लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम की मदद ली जाएगी। ऐसा होने से गांव स्मार्ट श्रेणी में आ सकेंगे। यह कैमरे मुख्य मार्ग, प्रवेश, अधिक भीड़भाड़ वाले इलाकों, पंचायत भवन, बैंक, प्रमुख चाैराहे, विद्यालयों आदि ऐसी जगहों पर लगाए जाएंगे, जिससे इसका लाभ लोगों को जरूरत पर मिल सके।
सभी ग्राम पंचायतों में कैमरे लगने हैं। 15वें वित्त आयोग का बजट नहीं आया है। बजट आते ही इस प्रक्रिया को तेज किया जाएगा। प्रधान कैमरे लगवाने के लिए स्थलों को जनता की सुविधानुसार तय करेंगे---धर्मेंद्र कुमार, डीपीआरओ।
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