हल्द्वानी: चोर का मोबाइल बजने से बज उठी पुलिस के दिमाग की घंटी

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Edited By Amrit Vichar
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हल्द्वानी, अमृत विचार। अगर चोर के फोन की घंटी न बजती पुलिस उत्तर प्रदेश के शहरों की खाक छानती रह जाती। चोरों की सिर्फ एक नासमझी ने पुलिस को उनकी चौखट तक पहुंच दिया है। बावजूद इसके ऐसे तमाम सवाल हैं, जिनके सवाल पुलिस के पास नहीं हैं या फिर पुलिस जवाब देने से बच रही है। 

महिंद्रा शोरूम में चोरी 14 अक्टूबर की रात हुई। बेहद शातिराना तरीके से चोरों ने घटना को अंजाम दिया और अपने घर मध्य प्रदेश भी पहुंच गई, लेकिन एक गलती हो गई। घटना के दौरान चार चोरों में से एक के मोबाइल पर फोन आ गया। ये फोन मध्य प्रदेश से आया था और इधर पुलिस सीसीटीवी खंगालने जुटी थी।

पुलिस ये पता कर रही थी कि जिस तरीके से हल्द्वानी में चोरी हुई, ऐसी चोरियां और कहां हुई। पता लगा कि उत्तर प्रदेश के बरेली और कानपुर में इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं और इन चोरियों के कुछ चोर कानपुर सेंट्रल जेल में भी बंद हैं। पुलिस सुराग की तलाश में बरेली, कानपुर और कानपुर सेंट्रल जेल तक पहुंच गई, लेकिन हाथ कुछ नहीं आया। पुलिस को बैरंग वापस लौटना पड़ा।

इधर, पुलिस चार चोरों में से एक का फोन बजना पुलिस के लिए वरदान साबित हो गया। जांच में जुटी सर्विलांस टीम घटना स्थल के मोबाइल टावर पर आए और गए फोन कॉल खंगालने बैठी तो पता लगा कि घटना की रात घटना के वक्त मध्य प्रदेश से फोन आया था। ये फोन चार चोरों में से एक के पास आया था। ये सुराग पुलिस के लिए अहम साबित हुआ। इस अहम सुराग की पुष्टि सीसीटीवी और टोल ने कर दी। जिसके बाद चोर गिरफ्तार कर लिए गए।


कितना माल था, न मालिक को पता और न पुलिस को
हल्द्वानी। जिस दिन चोरी हुई, उससे तीन दिन पहले से बैंकें बंद थीं। यानी शोरूम की तिजोरी में तीन दिन की बिक्री के अलावा भी पैसा रहा होगा। मोटा माल होने की सूचना पर ही चोरों ने इस घटना को भी अंजाम दिया। हालांकि इस पूरी कहानी में शोरूम मालिक के साथ पुलिस पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

शोरूम मालिक ने घटना के लगभग 30 लाख रुपये तिजोरी में होने का अनुमान जताया था, लेकिन मुकदमे में एक भी रुपये का जिक्र नहीं किया। पुलिस से इस बाबत सवाल किया तो एसएसपी ने कहाकि वह शोरूम मालिक से इस बारे में बात कर रहे हैं। अब ताज्जुब इस बात घटना के 15 दिन गुजर जाने के बात न तो मालिक और न ही पुलिस यह स्पष्ट कर सकी कि तिजोरी में कितना धन था। 


बिना मुखबिर चोरों ने कैसे कर ली इतनी सटीक रेकी
हल्द्वानी : चोरों ने रेकी की, ये बात तो पुलिस मान रही है, लेकिन रेकी में चोरों के अलावा भी कोई शामिल था ये सवाल पुलिस टाल गई। दरअसल, बिना सटीक मुखबिरी के चोर इतनी बड़ी घटना को इतनी आसानी से अंजाम नही दे सकते थे। चोरों को पता था कि उन्हें किस रास्ते शोरूम के अंदर दाखिल होना है और कहां से निकलना है। चोरों को यह पता था कि जिस खिड़की से वह घुसेंगे, वो पहले से ही खराब होगी। इस रास्ते के अलावा चोरों ने कहीं और से शोरूम में दाखिल होने की कोशिश भी नहीं की। चोरों को यह भी पता था कि माल कहां रखा है। चोर उसी कमरे में पहुंचे, जहां तिजोरी रखी थी। जिसके बाद कार में तिजोरी लाद कर चोर बड़ी आसानी से फरार हो गए।  

हीरे का मंगलसूत्र लूटने वाले नहीं पकड़ पाई पुलिस
हल्द्वानी : बीती 19 अक्टूबर की रात श्याम अपार्टमेंट निवासी कारोबारी नीरज आनन्द पत्नी के साथ नहर कवरिंग रोड पर घूम रहे थे। वह प्राइड हॉस्पिटल के पास पहुंचे थे तभी एक बाइक में सवार तीन युवक आए और पत्नी के गले से डायमंड का मंगलसूत्र छीनकर भाग गए। इस घटनाक्रम में महिला जमीन पर गिर गई।

उसके पैर में चोट लगने के साथ कपड़े भी फट गए। महिला ने शोर भी मचाया, लेकिन रात होने के कारण कोई बाहर नहीं आया। शिकायत पर शुक्रवार को पुलिस दिनभर घटनास्थल के आसपास सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालती रही, लेकिन आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस ने दावा किया था कि लुटेरों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा, लेकिन पकड़ नहीं पाए।

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