रुद्रपुर: प्रीत विहार कॉलोनी में उपचार के दौरान नवजात की मौत

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Edited By Amrit Vichar
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रुद्रपुर, अमृत विचार। कोतवाली इलाके के प्रीत विहार कॉलोनी स्थित एक अस्पताल में उपचार के दौरान नवजात बच्चे की मौत का मामला सामने आया है।

नवजात की मौत के बाद परिजनों, विधायक और कई संगठनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा काटा और अस्पताल को सील करने की मांग उठी। जिसकी सूचना मिलते ही कोतवाली के एसएसआई पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। परिजनों ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। भीड़ के गुस्से को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन मौके से फरार हो गए।

प्रीत विहार कॉलोनी के रहने वाले नीरज पाल की पत्नी की सात दिन पहले डिलीवरी हुई थी। जिसके बाद परिवार में खुशी का माहौल था। 31 अक्टूबर को अचानक नवजात बच्चे की तबीयत बिगड़ने पर परिजन नवजात को नजदीक के ही एक निजी अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टर ने उसका उपचार शुरू कर दिया।

आरोप था कि गुरुवार की शाम को उपचार के दौरान नवजात की मौत हो गई और शुक्रवार की सुबह जब परिजनों को बच्चे की मौत होने की सूचना मिली तो परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर कई धार्मिक संगठनों के लोगों ने परिजनों के साथ अस्पताल पहुंचकर हंगामा काटना शुरू कर दिया। जिसे देखकर बाल रोग विशेषज्ञ एवं अस्पताल संचालक और स्टाफ अस्पताल से फरार हो गए।

परिजनों का आरोप था कि अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के चलते नवजात की मौत हुई है और अस्पताल को सीज होना चाहिए। सूचना मिलते ही विधायक शिव अरोरा और कोतवाली एसएसआई कमाल हसन भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।

जहां पुलिस ने घटना की जानकारी ली। वहीं विधायक ने घटना की निंदा करते हुए तत्काल सीएमओ को फोन कर पूरे प्रकरण से अवगत कराया और अस्पताल के खिलाफ जांच कर कठोर कार्रवाई करने की बात कही। जिस पर सीएमओ ने तत्काल जांच टीम गठित कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस दौरान पुलिस ने बमुश्किल लोगों का गुस्सा शांत करवाया और नवजात के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं परिजनों ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।

पुलिस ने जब्त की सीसीटीवी डीवीआर

रुद्रपुर। प्रीत बिहार कॉलोनी में नवजात की उपचार के दौरान मौत होने के हंगामे व आरोपों के बाद पुलिस ने सबसे पहले अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर को जब्त कर लिया है। साथ ही अस्पताल से लैपटॉप सहित कई जरुरी दस्तावेजों को अपने कब्जे में लिया है। पुलिस फुटेजों की बारीकी से जांच कर आगे की कार्रवाई कर सकती है।

विधायक द्वारा नवजात मौत प्रकरण की जानकारी दी गई। जिसके बाद एसीएमओ डॉ. राजेश आर्य सहित तीन सदस्यीय जांच टीम को मौके पर भेजा गया। टीम पड़ताल कर जांच रिपोर्ट देगी। रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार अस्पताल संचालक का लाइसेंस निरस्तीकरण व अन्य कार्रवाई की जाएगी।

-डॉ. मनोज कुमार शर्मा, सीएमओ, ऊधमसिंह नगर

शिकायती पत्र के आधार पर पुलिस ने मामले की पड़ताल शुरू कर दी है। पुलिस नवजात की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। रिपोर्ट आने के बाद अस्पताल का मौका मुआयना कर आरोपों की पड़ताल की जाएगी और पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।

-कमाल हसन, एसएसआई

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