बिकरूकांड के आरोपी सुशील की हुई जेल से रिहाई, कोर्ट से एक साल पहले मिली थी जमानत
कानपुर देहात। देश भर में चर्चित बिकरूकांड के मुख्य मामले में जेल में बंद आरोपी सुशील तिवारी को रासुका का समय पूरा होने पर जेल से रिहा कर दिया गया है। उसे हाईकोर्ट से करीब एक साल पहले जमानत मिल गई थी लेकिन रासुका की कार्रवाई होने से रिहाई नहीं मिल सकी थी।
कानपुर नगर के चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव में दो जुलाई 2020 को दबिश देने गई पुलिस टीम पर विकास दुबे ने गैंग के साथ फायरिंग कर सीओ समेत आठ पुलिस कर्मियों की हत्या कर दी थी। मामले में पुलिस ने 45-50 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट लिखी थी जिसकी सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट में चल रही है।
मामले में एक आरोपी सुशील तिवारी की जमानत याचिका हाईकोर्ट में पिछले साल मंजूर कर ली गई थी। वहीं आरोपी उमाशंकर यादव उर्फ तनके की जमानत अर्जी खारिज कर दी गई थी। इसे आधार बना अभियोजन ने सुशील तिवारी की जमानत पर दोबारा सुनवाई करने के लिए याचिका हाईकोर्ट में दाखिल की थी।
हाईकोर्ट ने मामले में दोबारा सुनवाई कर अभियोजन के तर्कों को खारिज करते हुए आरोपी सुशील तिवारी को दी गई जमानत को सही ठहराते हुए उसे रिहा करने के आदेश दिए थे। इसपर प्रशासन ने आरोपी पर एनएसए की कार्रवाई कर दी थी। जिससे उसकी रिहाई नहीं हो सकी थी।
विधिक सेवा प्राधिकरण से चीफ डिफेंस काउंसिल संजय शुक्ला ने बताया कि आरोपी पर लगी एनएसए की समय सीमा (एक वर्ष) पूर्ण होने पर सुशील तिवारी को जेल से रिहा कर दिया गया है।
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