प्रतापगढ़ : दो हत्या के दोषी तीन सगे भाइयों को आजीवन कारावास, लगाया अर्थदण्ड
जमीनी विवाद में हुआ था डबल मर्डर, अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी कोर्ट सुमित पवार ने सुनाया फैसला
प्रतापगढ़, अमृत विचार। अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी सुमित पवार ने हत्या के आरोप में दोषी पाते हुए नन्हेंलाल,लाल बहादुर वर्मा, जगन्नाथ वर्मा पुत्रगण रामदयाल वर्मा निवासी ग्राम अतरौरा थाना आसपुर देवसरा को दोषी पाते हुए प्रत्येक को आजीवन कारावास व प्रत्येक को पांच -पांच हजार रूपया अर्थदंड से दंडित किया है।
वादी मुकदमा राजेंद्र प्रसाद वर्मा ने कोर्ट को बताया कि थाना आसपुर देवसरा में प्रार्थना पत्र दिया था। जिसमें बताया कि ऊसका व उसके पड़ोसी नन्हे लाल,लाल बहादुर,जगन्नाथ तथा संतोष का घर अगल-बगल है, बीच में कुछ जगह छूटी है। जिसमें नन्हें लाल उपरोक्त ने छप्पर रख दिया है।इस छप्पर के संबंध में मेरे पिता मोतीलाल वर्मा व चाचा देवनारायण वर्मा ने 11 मई 2004 को उपरोक्त लोगों के कहने पर कोलिया में रखा छप्पर हटवा दिया,नहीं तो बारिश का पानी दीवार पर गिरता। इसी बात को लेकर दोनों में कहा सुनी होने लगी रात करीब 10 बजे उपरोक्त चारों लोग क्रोधित होकर मेरे पिता मोती लाल व मेरे चाचा देव नारायण को छप्पर की कोरी तथा लाठी जो वहीं पड़ी थी लेकर मारने पीटने लगे। उसमें मेरे पिता व चाचा के सिर में बहुत गहरी चोटें आई, शोर सुनकर मैं और मेरे भाई रवि शंकर व मौसी का लड़का रवि तथा गांव के लोग पहुंचे। अभियुक्त गण वहां से भाग गए। हम लोग अपने पिता व चाचा को लेकर पट्टी अस्पताल गए। जहां पर डाक्टर ने मेरे पिता व चाचा के सिर पर आई चोट को देखकर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल प्रतापगढ़ में इलाज के दौरान उन दोनों को डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया। राज्य की ओर से पैरवी एडीजीसी काशीनाथ तिवारी ने की।
