69000 शिक्षक भर्ती: नियुक्ति की मांग को लेकर मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से मिले शिक्षक अभ्यर्थी
लखनऊ, अमृत विचार। 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण लागू करने में हुई विसंगति का मामला इन दिनों खूब चर्चा में बना हुआ है। विसंगति संशोधन के उपरांत चयनित 6800 आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी नियुक्ति की मांग को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं। बुधवार को अभ्यर्थियों ने कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की।
मुलाकात के बाद अभ्यर्थियों ने बताया कि कैबिनेट मंत्री ने ज्ञापन लेने और बात सुनने के बाद गोलमोल आश्वासन दिया है। ऐसे में अभ्यर्थी उनके आश्वासन से संतुष्ट नहीं है। अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार ने सूची जारी की है तो वह सूची का कोर्ट में बचाव करे। दूसरा विकल्प है कि सरकार कैबिनेट में प्रस्ताव लाकर इन आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने का कार्य करे। क्योंकि सरकार ने यह बात स्वीकार किया है कि आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हुआ है।
जिसकी पुष्टि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने भी अपने रिपोर्ट में भी की है। अभ्यर्थियों का कहना है यदि सरकार इस मामले में कोई सकारात्मक रुख नहीं अपनाती है तो 28 नवंबर से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र के दौरान सभी 6800 चयनित दलित पिछड़े वर्ग के अभ्यर्थी विधानसभा का घेराव करेंगे। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अमरेंद्र पटेल ने बताया की 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण लागू करने में घोर अनियमितता बरती गई है। जिस कारण आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को नौकरी से वंचित कर दिया गया।
इस संबंध में कई बार आंदोलन के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लिया और विसंगति दूर करते हुए पीड़ित आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को नियुक्ति दिए जाने आदेश अधिकारियों को दिया था। जिसके आधार पर बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने विसंगति को सुधारने के उपरांत 6800 दलित पिछड़े वर्ग के अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने का वादा करते हुए एक सूची जारी की लेकिन अभी तक न्याय नहीं मिल सका। उन्होंने आगे कहा कि हमारी मांग है की सरकार इस मामले का त्वरित समाधान निकाले और सभी 6800 चयनित पिछड़े वर्ग के अभ्यर्थियों का हक अधिकार देते हुए उनकी नियुक्ति करें।
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