बरेली: जंक्शन के छोटे प्लेटफार्म बढ़ा रहे यात्रियों की मुसीबत
बरेली, अमृत विचार। बरेली जंक्शन को लंबे समय से विश्वस्तरीय स्टेशन बनाने की बात कही जा रही है। जंक्शन को 250 से 300 करोड़ रुपये की लागत से संवारने का खाका भी तैयार कर लिया गया है लेकिन जंक्शन के प्लेटफार्म ट्रेनों के लिए छोटे पड़ जा रहे हैं।
इसकी वजह से कोच प्लेटफार्म के बाहर खड़े होते हैं और यात्रियों को परेशानी होती है। जंक्शन के कायाकल्प के लिए एजेंसियां भवन, प्लेटफार्म, ट्रैफिक आदि सर्वे कर चुकी हैं, लेकिन यह विकास कार्य कब शुरू होंगे इस बारे में अधिकारी भी बताने को तैयार नहीं हैं।
स्टेशन के अधिकारियों के मुताबिक बरेली जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर चार की लंबाई 490 मीटर, तीन नंबर प्लेटफार्म की लंबाई 510 मीटर, दो नंबर प्लेटफार्म की लंबाई 610 मीटर व एक नंबर प्लेटफार्म की लंबाई 582 मीटर है लेकिन यह छोटे पड़ जाते हैं। बुधवार को जंक्शन से चलने वाली महाकाल एक्सप्रेस और शनिवार को चलने वाली दादर एक्सप्रेस के दौरान ऐसा होता है।
इन ट्रेनों के अंदर 23 कोच (आईसीएफ) का लोड है, लेकिन स्थिति यह होती है कि इंजन और एक पूरा जनरल कोच प्लेटफार्म के बाहर होता है। उधर जनरल कोच में चढ़ने वाले यात्रियों को ट्रेन के अंदर सवार होने में दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
तकनीकी कारणों से इस ट्रेन को प्लेटफार्म नंबर चार से रवाना करना अधिकारियों की मजबूरी है। स्टेशन अधीक्षक भानुप्रताप सिंह ने बताया कि 14314 लोकमान्य तिलक टर्मिनस ( दादर) एक्सप्रेस 23 कोच के लोड से चलती है। ऐसे में इंजन और जनरल कोच चार नंबर प्लेटफार्म के बाहर रहता है।
आला हजरत में एक कोच बढ़ाने की गुंजाइश नहीं
दो नंबर प्लेटफार्म को छोड़कर सभी प्लेटफार्म पर यह दिक्कत सामने आती है। पिछले दिनों आला हजरत एक्सप्रेस में एक कोच बढ़ाने की कवायद आला अधिकारियों ने की थी लेकिन प्लेटफार्म तीन से जाने वाली 20 कोच (एलएचबी) वाली ट्रेन में कोच इसलिए नहीं बढ़ पाया क्योंकि इसके लिए प्लेटफार्म की लंबाई मुफीद नहीं थी। अवध असम एक्सप्रेस डाउन में अक्सर 23 कोच ( एलएचबी) के लोड के साथ आती है तो इसको एक नंबर की जगह दो नंबर प्लेटफार्म पर लेना पड़ता है।
कोच गाइडेंस सिस्टम भी करता है दिक्कत
प्लेटफार्म छोटा होने की वजह से कोच गाइडेंस सिस्टम भी दिक्कत देता है। प्लेटफार्म नंबर चार पर कोच गाइडेंस सिस्टम काम नहीं करता है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक चार नंबर प्लेटफार्म पर एक कोच बाहर निकल जाता है जिसकी वजह से कोच गाइडेंस सिस्टम डिसप्ले पर सही दिशा नहीं दिखा पाता है।
इसकी वजह शिकायतें आनी शुरू हो गईं। जिसके बाद जनरल कोच को छोड़कर बाकी कोचों की लोकेशन सिस्टम में फीड करने पर राय बनी लेकिन इस व्यवस्था को शुरू नहीं किया गया क्योंकि फिर इसकी भी शिकायतें आतीं। ऐसे में अधिकारियों ने चार नंबर पर कोच गाइडेंस सिस्टम बंद करना ही बेहतर समझा।
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