नैनीताल: अंग्रेजों के बसाये शहर नैनीताल में क्रिसमस के लिए तैयारी शुरू, 18 से होंगे चरनी गीत
चन्द्रेक बिष्ट, अमृत विचार, नैनीताल। अंग्रेजों द्वारा बसाए नैनीताल शहर में क्रिसमस की तैयारी जोरों पर चल रही है। शहर के चर्च ऐतिहासिक माने जाते हैं। क्रिसमस के लिए सेंट जोंस सहित नगर के पांचों चर्च संजाए जाएंगे।
सूखाताल स्थित सेंट जोंस इन द बिल्डरनैस प्रोटेस्टेंट चर्च के अलावा मल्लीताल मैथोडिस्ट चर्च, तल्लीताल कैथोलिक चर्च, राजभवन स्थित सेंट निकोलस चर्च, सेंट फ्रांसिस होम, नामी स्कूलों के चैपल सहित विशपशा आदि में खास कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। 18 दिसम्बर से चर्च व ईसाई समुदाय के लोगों के घरों में प्रभु यीशु मसीह के जन्म को लेकर कैरल गाए जायेंगे।
24 व 25 दिसम्बर को सभी चर्चों में खास आयोजन होगा। इस दौरान सभी चर्च सैलानियों के लिए खोल दिए जाते हैं। नैनीताल के नामी होटल भी कार्यक्रम आयोजित करते हैं। नैनीताल के देवीधूरा से सटे गांव बाना में भी गांव के तीन दर्जन ईसाई परिवार अंग्रेजी शासनकाल में बने चर्च में प्रार्थना में हिस्सा लेंगे।
तल्लीताल कैथोलिक चर्च करेगा कैरोल व मिस्सा बलिदान का आयोजन: फादर डिसूजा
नैनीताल। शहर के तल्लीताल कैथोलिक चर्च के फादर नवीन डिसूजा ने बताया कि कैथोलिक चर्च कैरोल व मिस्सा बलिदान का आयोजन करेगा। शहर के चर्चो में शामिल कैथोलिक चर्च में मुख्य कार्यक्रम होते हैं। 18 दिसम्बर से चर्च व ईसाई समुदाय के लोगों के घरों में प्रभु येशु के जन्म को लेकर कैरल गाये जायेंगे। 24 व 25 दिसम्बर को सभी चर्चो में खास आयोजन होगा। जबकि 24 दिसंबर को चर्च में शाम को प्रार्थना सभा होगी और मिस्सा बलिदान का आयोजन होगा। इस दौरान कैरल गीत गाये जायेंगे और केक वितरित किये जायेंगे। 25 दिसंबर को सुबह 8 बजे से कैरल गीतों की प्रस्तुति, मिस्सा बलिदान के साथ ही प्रार्थना सभा का आयोजन होगा।
अंग्रेजों की बसासत के साथ ही नैनीताल में हुआ चर्चो का निर्माण : प्रो. रावत
नैनीताल। इतिहासकार प्रो. अजय रावत के अनुसार 1857 के गदर के बाद नैनीताल में अंग्रेजों की बसासत बढ़ने लगी। यहां इसाई धर्म के अन्य धर्म वर्ग के लोगों ने चर्चों का निर्माण किया। सेंट जोस चर्च की स्थापना 1848 में हुई इसे पहले चर्च के रूप में देखा जाता है। सूखाताल स्थित सेंट जोस चर्च कुमाऊं का सबसे पहला प्रोस्टेट चर्च भी है। 1858 में मैथोडिस्ट चर्च, 1868 में डाठ स्थित मैथोडिस्ट चर्च, सेंट निकोलस राजभवन चर्च 1869 में, तल्लीताल कैथोलिक चर्च का निर्माण 1870 में तथा सेंट फ्रांसिस कैथोलिक चर्च 1921 में स्थापित हुआ। इसके साथ ही यहां स्कूलों में प्रार्थना सभाओं के आयोजन को छोटे-छोटे आधा दर्जन से अधिक चैपलों का निर्माण भी किया गया। क्रिसमस पर चर्चाें व चैपलों में प्रार्थना सभाएं की जाती हैं।
विश्व प्रसिद्ध शिकारी जिम कार्बेट मनाते थे भव्य क्रिसमस
नैनीताल। विश्व प्रसिद्ध शिकारी व नगर निवासी जिम कार्बेट क्रिसमस भव्य रूप से मनाते थे। क्रिसमस पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कर वह शहर भर में उपहार भी बांटा करते थे। इसके अलावा कालाढुंगी के छोटी हल्द्वानी में स्थित उनके घर में लोग उमड़ पड़ते थे। इस परम्परा को बीते वर्षों तक छोटी हल्द्वानी स्थित कार्बेट ग्राम विकास समिति जिन्दा रखे हुए है। नैनीताल में क्रिसमस के दिन नेटिवीटी नाटक का मंचन खासतौर पर किया जाता रहा है। नैनीताल में कमिश्नर हैनरी रैमजे भी क्रिसमस भव्य रूप से मनाते थे, जबकि स्व. राम लाल साह गरीबों को उपहार बांटने के लिए स्कूलों को आर्थिक सहयोग देते थे।
