लखनऊ : यूरीन लीक होने की समस्या से गुजर रहीं महिलाओं को नहीं करना चाहिए यह काम
लखनऊ, अमृत विचार। एक उम्र के बाद महिलाओं के शरीर में बदलावा होना स्वाभाविक है, लेकिन मेनोपॉज के बाद कई तरह के बदलाव होते हैं। साथ ही इस उम्र में कुछ कारणों से शारीरिक समस्याएं भी शुरू हो जाती है। इसी में से एक समस्या बार-बार यूरीन आने की भी होती है। कई महिलाओं में यूरीन अपने आप ही हो जाती है, यानी की लीक होने लगती है। ऐसी समस्या होने पर जांच करायें और अपने मन से पानी अधिक मात्रा में पीने की गलती न करें। अधिक पानी पीने से किडनी पर बुरा असर भी पड़ सकता है। इस बात की जानकारी केजीएमयू के क्वीन मेरी चिकित्सालय की प्रो. रेखा सचान ने दी। वह क्वीन मेरी अस्पताल के स्थापना दिवस समारोह पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में दिल्ली एम्स के प्रो. जेबी शर्मा ने महिलाओं में यूरीन लीक होने वाली समस्या और उसके इलाज से संबंधित जानकारियां साझा की हैं। प्रो.रेखा सचान ने बताया कि यूरीन लीक होने की समस्या महिलाओं को किसी भी उम्र में हो सकती है। इसके कई कारण होते हैं। जिसमें गलत इलाज, मांसपेशियों की कमजोरी आदि समस्या शामिल हैं, लेकिन यदि किसी महिला को यूरीन लीक होने की समस्या हो रही है। तो उसे डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। साथ ही पानी पीने की मात्रा का भी ख्याल रखना चाहिए। उन्होंने बताया कि कई बार यूटीआई की समस्या होने पर महिलायें अधिक पानी पीने लगती हैं। जो उनकी किडनी पर बुरा प्रभाव डाल सकता है। ऐसे में बिना जांच पानी की मात्रा न बढ़ायें। साथ ही अपनी मर्जी से कोई दवा भी न खायें।
इस अवसर पर डॉ. रेखा सचान ने बताया कि सामान्य तौर पर महिलाओं को 2 से ढाई लीटर पानी पीने की सलाह दी जाती है, लेकिन यदि किसी महिला को यूरीन लीक होने की दिक्कत हो रही हो, तो जांच कराकर इलाज शुरू करना चाहिए। इस समस्या को यूटीआई की समस्या समझकर पानी की मात्रा नहीं बढ़ानी चाहिए। यदि यूटीआई की दिक्कत नहीं है तों पानी की मात्रा डेढ़ लीटर के करीब होनी चाहिए। पानी की अधिक मात्रा किडनी पर असर डालती है।
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