बरेली: गुप्त रोगों की समस्या खुलकर कैसे बताएं मरीज? एसटीआई काउंसलर रूम दो महीने से बंद

बरेली: गुप्त रोगों की समस्या खुलकर कैसे बताएं मरीज? एसटीआई काउंसलर रूम दो महीने से बंद

बरेली, अमृत विचार। 300 बेड अस्पताल के एसटीआई काउंसलर रूम पिछले दो महीने से बंद पड़ा है। जिसके चलते गुप्त रोगों से पीड़ित मरीज अपनी समस्या बताने व उसका इलाज नहीं करवा पा रहे हैं। जिससे मरीजों की समस्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही हैं। 

300 बेड अस्पताल की डॉ. आयुषी ने बताया कि यौन संचारित संक्रमण (एसटीआई) को आमतौर पर यौन संचारित रोग (एसटीडी) भी कहा जाता है। ये एक ऐसा संक्रमण है, जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में यौन संबंध बनाने के कारण फैलता है। इसलिए इस तरह की बीमारी को बताने में मरीज काफी झिझकते हैं।

ऐसे में एक काउंसलर का होना मरीजों के लिए काफी मददगार साबित होता है। क्योंकि एसटीआई के काउंसलर की मदद से मरीज अपनी गुप्त रोगों से जुड़ी समस्या खुलकर कह पाता है, जिससे उसका इलाज ठीक तरह से हो पाता है, पर पिछले दो माह से बंद पड़े एसटीआई रूम की वजह से मरीज अपनी समस्या खुल कर नहीं बोल पा रहे हैं। इसलिए गुप्त रोगों की बात करने व दवाइयों के लिए एसटीआई में काउंसलर का होना जरूरी है। 

जानिए क्या है एसटीआई रूम की स्थिति 
300 बेड अस्पताल के कमरा नम्बर 16 में एसटीआई रूम के काउंसलर पिछले दो माह से न होने के कारण रूम की स्थिति बेहद खरब है। रूम में केवल इस समय एक अलमारी व कूलर रखा हुआ है। काउंसलर के जाने के बाद से कमरे की देख-रेख व साफ-सफाई न होने से अलमारी के अंदर का रखा सामान भी दीमक खा चुके हैं। साथ ही कमरा इतना गंदा है की वह अब केवल एक स्टोर रूम नजर आ रहा है।

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