हल्द्वानी: 30 का दूल्हा, 16 की दुल्हन, परिवार समेत दूल्हा अंदर
हल्द्वानी, अमृत विचार। दूल्हा 30 साल का और दुल्हन सिर्फ 16 साल की। दोनों परिवारों की रजामंदी से एक किराए के घर में नाबालिग की शादी दो गुने उम्र के युवक से कराई जा रही थी। अभी मंत्रोच्चारण चल ही रहा था कि तभी एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल की टीम पहुंच गई और ब्याह में खलल पड़ गया। पुलिस ने सात फेरे लेने की तैयारी कर रहे दूल्हे, मंत्र पढ़ने वाले दूल्हे समेत आधा दर्जन लोगों को गिरफ्तार कर लिया और नाबालिग को नारी निकेतन भेज दिया।
पुलिस के मुताबिक खबर मिली थी कि पीलीकोठी में एक नाबालिग की शादी कराई जा रही है। शादी की भनक किसी को न लगे, इसलिए एक किराए के कमरे के अंदर आयोजन चल रहा है। जानकारी मिलते ही शुक्रवार रात करीब एक बजे एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल जयंतीपुरम पीलीकोठी मुखानी में पूजा सिंह पत्नी अर्जुन सिंह के घर पहुंच गई।
पुलिस पहुंची तो बंद कमरे के भीतर जश्न चल रहा था, लेकिन पुलिस के पहुंचते ही जश्न में खलल पड़ गया। पुलिस ने पड़ताल शुरू की तो पता लगा कि बंद कमरे के भीतर नाबालिग की शादी कराई गई थी। कमरे में लड़का और लड़की पक्ष के साथ शादी कराने वाला पंडित भी मौजूद था।
पूछताछ में सामने आया कि भोटिया पड़ाव क्षेत्र में रहने वाली एक महिला ने अपनी 16 वर्षीय बेटी की शादी एहन हाथरस निवासी अतुल शर्मा (30 वर्ष) पुत्र सत्येंद्र शर्मा से करा दी थी। पुलिस के मुताबिक किशोरी हल्द्वानी के ही निजी स्कूल में कक्षा आठ की छात्रा है। टीम ने मकान मालिक पूजा सिंह, नाबालिग की मां और बिचौलिया बिंदुखत्ता ढलान चक्की लालकुआं निवासी नंदनी के खिलाफ बाल अधिनियम की धारा 9, 10 और 11 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। साथ ही मामले में दूल्हा अतुल शर्मा, उसके परिजन सचिन कुमार और शादी कराने वाले पुरोहित नत्थी लाल को भी नामजद किया है।
साहब, गरीबी की वजह से लिया बेटी की शादी का फैसला
हल्द्वानी : एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल ने जब पीलीकोठी में छापेमारी और नाबालिग लड़की की मां को लगा कि अब उसे जेल जाना होगा तो वह फूट-फूट कर रोने लगी। पुलिस ने उससे पूछताछ शुरू की तो बताया कि उसकी तीन बेटियां हैं और सबसे बड़ी 16 वर्षीय बेटी की उसने शादी तय कर दी थी। इसके पीछे उसने अपनी मजबूरी बताई। कहा, तीन साल पहले उसका पति उसे तीन बेटियों के साथ छोड़ गया था। तब से वह घरों में झाड़ू-पोंछा कर बच्चों का पेट पाल रही है। गरीबी की वजह से ही उसने नाबालिग बेटी की शादी का फैसला लिया था।
शून्य की गई शादी, जेल भेजे गए सभी आरोपी
हल्द्वानी : एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल प्रभारी दीपा जोशी ने बताया कि कानूनी तौर पर शादी को शून्य कर दिया गया है। किशोरी को नारी निकेतन भेजने के बाद सभी आरोपियों को कोर्ट के समक्ष भेज दिया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि पीड़िता अपनी बेटियों के साथ झोपड़ी में रहती है। झाड़ू-पोंछा करने के दौरान उसकी मुलाकात नंदनी से हुई तो नाबालिग की मां ने बड़ी होती बेटियों और अपनी गरीबी का जिक्र किया। इस पर नंदनी ने हाथरस में रहने वाले रिश्तेदारों की मदद से नाबालिग की शादी तय करा दी।
